इस्लाम की दुनिया में फ़जियत कराने वालों।
दुनिया में इंसानियत का खून बहाने वालों ।
आतंक ही तुम्हारा खुदा और ईमान है,
इस्लाम का नाम तुमने किया बदनाम है।।
सारी दुनिया को धोखा दे सकते हो तुम,
खुदा के सामने कैसे मुकर सकते हो तुम,
कयामत होगी फैसला होगा कयामत चाहने वालों,
इस्लाम की दुनिया में फ़जियत कराने वालों।
इस्लाम की दुनिया में फ़जियत कराने वालों,
दुनिया में इंसानियत का खून बहाने वालों। .......
यह जमी ही है मगर तुमको तो जन्नत चाहिए
पुकारते हैं, सभी तम्हें अब भी लौट, आईये,वेगुनाहो का खून बेवजह अब मत बहाईये.......
गर बची हो तो गैरत दुनिया को दिखलाइए,
खुदा की जन्नत में आग लगाने वालों।
आतंक ही तुम्हारा खुदा और ईमान है।
इस्लाम का नाम तुमने किया बदनाम है।......
आतंक ही तुम्हारा खुदा और ईमान है,
इस्लाम का नाम तुमने किया बदनाम है।।
यकीन नही होता अब कि तुम इंसान हो,,,. ,,,
इंसान की खाल में तुम तो शैतान हो.
इस जमाने में अब तुम्हारी यही पहचान है।
आतंक ही तुम्हारा खुदा और ईमान है।
इस्लाम का नाम तुमने किया बदनाम है।।
जानकर तुमको दुनिया भी अब हैरान है,
कहते इस्लाम जिसको तुमने समझा कहाॅं,
मोहम्मद का इस्लाम भाईचारे का पैगाम है,
आतंक ही तुम्हारा खुदा और ईमान है।
इस्लाम की दुनिया में फ़जियत कराने वालों।
दुनिया में इंसानियत का खून बहाने वालों .......