Friday, 12 September 2025

मेरे शहर का असूल है

[Verse 1 / Sher 1]

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना,

मजलूम और मजबूर को देता नहीं पनहा।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना,

मजलूम और मजबूर को देता नहीं पनहा।

​[Verse 2 / Sher 2]

हर तरफ खिड़कियों से झाकते हैं लोग,

यहां किसी के दिल में भूल से भी झाकना है मना।

हर तरफ खिड़कियों से झाकते हैं लोग,

यहां किसी के दिल में भूल से भी झाकना है मना।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना....

​[Interlude / Music Piece]

​[Verse 3 / Sher 3]

रुक कर भी नहीं देखते वो कौन था? ए दोस्त,

पत्थर के घर वालों का दिल भी पत्थर से था बना।

रुक कर भी नहीं देखते वो कौन था? ए दोस्त,

पत्थर के घर वालों का दिल भी पत्थर से था बना।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना.....

​[Verse 4 / Sher 4]

यहां वक्त की रफ्तार भी वक्त से बहुत तेज है,

किसी इंसान को चार पल वक्त भी देना है मना।

यहां वक्त की रफ्तार भी वक्त से बहुत तेज है,

किसी इंसान को चार पल वक्त भी देना है मना।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना.....

​[Interlude / Music Piece]

​[Verse 5 / Sher 5]

आंसुओ से भरी नई दास्तान हर रोज लिखता है मेरा शहर,

हमदर्दी का मरहम किसी को भी  लगाना है मना।

आंसुओ से भरी नई दास्तान हर रोज लिखता है मेरा शहर,

हमदर्दी का मरहम किसी को भी  लगाना है मना।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना.....

​[Verse 6 / Sher 6]

दम घुटता सा लगता है अब अपने ही शहर में,

जज्बात-ए-दिल किसी से कहना भी है मना।

दम घुटता सा लगता है अब अपने ही शहर में,

जज्बात-ए-दिल किसी से कहना भी है मना।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना.....

​[Interlude / Music Piece]

​[Verse 7 / Sher 7]

अपना ही चेहरा अपने से नजर  जुदा सा  आता है,

जाने किसने बनाया है उम्मीदों का इक ऐसा आईना।

अपना ही चेहरा अपने से नजर  जुदा सा  आता है,

जाने किसने बनाया है उम्मीदों का इक ऐसा आईना।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना.....

​[Outro / Makta]

मंदिर मस्जिदों में खुदा से खुदा जुदा है ',

मजहब के नाम पर कर दिया शैतानों ने मेरा शहर फना।

मंदिर मस्जिदों में खुदा से खुदा जुदा है 'प्रभात',

मजहब के नाम पर कर दिया शैतानों ने मेरा शहर फना।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना,

मजलूम और मजबूर को देता नहीं पनहा।




[Intro - Both Voices in Harmony]

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना,

मजलूम और मजबूर को देता नहीं पनहा।

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना,

मजलूम और मजबूर को देता नहीं पनहा।

[Verse 2 - Female Lead]

हर तरफ खिड़कियों से झाकते हैं लोग,

यहां किसी के दिल में भूल से भी झाकना है मना।

हर तरफ खिड़कियों से झाकते हैं लोग,

यहां किसी के दिल में भूल से भी झाकना है मना।

[Chorus - Male Lead]

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना....

[Verse 3 - Male Lead]

रुक कर भी नहीं देखते वो कौन था? ए दोस्त,

पत्थर के घर वालों का दिल भी पत्थर से था बना।

रुक कर भी नहीं देखते वो कौन था? ए दोस्त,

पत्थर के घर वालों का दिल भी पत्थर से था बना।

[Chorus - Female Lead]

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना.....

[Verse 4 - Female Lead]

यहां वक्त की रफ्तार भी वक्त से बहुत तेज है,

किसी इंसान को चार पल वक्त भी देना है मना।

यहां वक्त की रफ्तार भी वक्त से बहुत तेज है,

किसी इंसान को चार पल वक्त भी देना है मना।

[Chorus - Both Voices]

मेरे शहर का असूल है हंसना है मना.....

[Verse 5 - Male Lead]

आंसुओ से नई दास्तान हर रोज लिखता है मेरा शहर,

हमदर्दी का मरहम किसी को भी लगाना है मना।

आंसुओ से भरी नई दास्तान हर रोज लिखता है मेरा शहर,

हमदर्दी का मरहम किसी को भी लगाना है मना।

[Verse 6 - Female Lead]

दम घुटता सा लगता है अब अपने ही शहर में,

जज्बात-ए-दिल किसी से कहना भी है मना।

दम घुटता सा लगता है अब अपने ही शहर में,

जज्बात-ए-दिल किसी से कहना भी है मना।

[Verse 7 - Both Voices / Deep Emotion]

अपना ही चेहरा अपने से जुदा सा नजर आता है,

जाने किसने बनाया है उम्मीदों का इक ऐसा आईना।

अपना ही चेहरा अपने से जुदा सा नजर आता है,

जाने किसने बनाया है उम्मीदों का इक ऐसा आईना।

[Outro / Makta - Male Lead then Both]

मंदिर मस्जिदों में खुदा से खुदा जुदा है 'प्रभात',

मजहब के नाम पर कर दिया शैतानों ने मेरा शहर फना।

[Both Harmony]

मंदिर मस्जिदों में खुदा से खुदा जुदा है 'प्रभात',

मजहब के नाम पर कर दिया शैतानों ने मेरा शहर फना।

"A soulful and melancholic Duet Ghazal, Male and Female singers with deep emotional texture, singing in harmony and alternating verses. Slow tempo, atmospheric Indian arrangement featuring a haunting Bansuri (flute), Sarangi, and soft Tabla. The mood is dark, lonely, and reflective. High emotional intensity in the vocals to express the pain of an apathetic city. Clear Hindi/Urdu diction, cinematic soulful fusion, 4k high-quality audio."