Monday, 30 March 2026
हाय ए दिल क्यों तुझे है इकरार प्यार का
चुनरी सर से सरक गई
खिला है, खिलेगा, कमल खिलेगा,
खिला है, खिलेगा, कमल खिलेगा,
पूरे राष्ट्र का नेतृत्व करेगा।
विकास की आँधी लाया है, सबको गले लगाया है,
हर भारत माँ के बेटे का ताज बनेगा।
खिला है, खिलेगा, कमल खिलेगा,
कांग्रेसी कीचड़ में खिला है,
कमल भ्रष्टाचार से मुक्त रहा है।
कांग्रेसी कीचड़ में खिला है,
कमल भ्रष्टाचार से मुक्त रहा है।
कमल भ्रष्टाचार से मुक्त रहा है।
सबको देखो उनका हक बाँट रहा है,
अब कहीं न कोई मुकाबला करेगा।
सब साथ में आ जाए
खिला है कमल, खिलेगा,
देश का नेतृत्व करेगा।
कमल की आँधी है, मोदी की छाया है,
उभर के विश्व में आज भारत आया है।
उभर के विश्व में आज इंडिया आया है,
इंडिया को आगे कमल ने पहुँचाया है।
चाँद पर भी देखो, चाँद पर भी झंडा अपना लहराया है,
चाँद पर भी देखो, झंडा अपना लहराया है।
विकास की आँधी है, कमल छाया है,
जीता है, जीतेगा, कमल ही आएगा।
खिला है, खिलेगा, कमल खिलेगा,
देशभक्ति की हवा चारों ओर है बह रही,
मोदी सबसे अच्छा है सारी जनता कह रही।
मोदी जी को सबने गले अपने लगाया है,
खिला है, खिलेगा, कमल खिलेगा।
जनता की पार्टी है भारतीय जनता पार्टी
बनी राष्ट्र की पार्टी है राष्ट्रवादी पार्टी
सबको साथ में आना होगा देश के गद्दारों से देश बचाना होगा
सबको साथ में आना है
भारत को बचाना है
छुपे बैठे हैं गद्दार
उन्हें ढूंढ निकालना है
भारत में जो जन्मा है
भारत उसकी माता है
अपने सभी बच्चों को
भारत माता गले लगाती है विदेशी घुस आए हैं उत्पाद मचाते हैं
भारत माता से वह बंगाल को तोड़ रहे
हम कश्मीर को भारत में जोड़ रहे
सिंदूर से दुश्मन को हमने यह बताया है
भारत का दुश्मन भी अब खौफ में आया है
भारत की भूमि पर कोई विदेशी
घूस पैठिया अब ना रह पाएगा
भारत की भूमि पर कोई विदेशी
घूस पैठिया अब ना रह पाएगा
हम S.. I.. R.. लाते हैं वो शोर मचाते है
हम S.. I.. R.. लाते हैं वो शोर मचाते है
देशभक्ति की हवा चारों ओर है बह रही,
देशभक्ति की हवा चारों ओर है बह रही,
देशभक्ति की भूमि मेरा बंगाल रहा है
भारतीय जनता पार्टी को बंगाल देखो ला रहा है
देशभक्ति की हवा चारों ओर है बह रही,
मोदी जी सबसेस अच्छे है सारी जनता कह रही।
भारत की भूमि पर, अब कोई विदेशी ना रह पाएगा,
कमल के इस तेज से, इंडिया सारा जगमगाएगा।"
खिला है, खिलेगा, कमल खिलेगा,
Sunday, 29 March 2026
ओ मेरे मितवा रे...
ओ मेरे मितवा रे...
दिल की पुकार... सुन ले,
मेरी आवाज़... सुन ले।
तू है कहाँ?
मेरे मितवा, तू है कहाँ मेरे मितवा?
ढूँढूँ मैं तुझे कहाँ?
मेरे मन का मीत तू है,
मेरे होठों का गीत तू है।
ज़िंदगी है मेरी तू, ओ मितवा,
मेरी चाहतों का संगीत तू है।
सपना है मेरी आँखों का...
कोई अपना हसीं सपना इन आँखों में दे,
ओ मेरे मितवा, ओ मेरे मितवा रे...
मेरी आँखों को अपना
हसीन सपना सनम दे दे।
बड़ी लंबी होगी तन्हाई,
साथ में हैं मेरी परछाई।
जो महफ़िल सजाई मैंने वो बेरंग है बिना तेरे,
कैसे सहूँ मैं तेरी जुदाई?
यादों में भी तू ना आई
तुम ही तो मेहमान हो मेरे।
लंबी हो गई बड़ी तन्हाई,
नींद भी तुमने छुड़ाई।
तुम पर हक है मेरा
अपना दे दो सहारा
ओ मेरे मितवा रे, ओ मितवा, मेरे मितवा।
बड़ी धुंधली सी लगती है,
राहें इस दुनिया की।
मैं अकेला हूँ अपने प्यार की राहों... में,
देख ना तड़पा, अब तो आ भी जा,
अपने सनम की बाहों... में।
इस दुनिया ने ये ऐसी क्यों रीत बनाई?
मिल ना पाए जहां अपनी परछाईं परछाई
मिल ना पाए जहां अपनी परछाई से परछाई
चाहत तेरी इस दिल में बसी है,
फिर क्यों... ये बेबसी है?
देख अब आजा, आवाज़ इस दिल ने लगाई,
तू है मेरी परछाईं, तू है... मेरी परछाईं।
ओ मितवा रे... मेरे मितवा, ओ मेरे मितवा।
तेरे बिना यह जीवन
सूना है बड़ा
मेरे सामने तेरे बिना
अंधेरा है बड़ा
हो रही जग हंसाई
बात मेरे प्यार पर आई
बिना मिले कैसे तुझसे रह पाऊं
कोई गीत अकेले कैसे प्यार का मैं गाऊं
आज अपना साथ तू दे दे
अपनी प्रीत मुझे दे दे
अब जब मैं तुझसे मिली,
कली जेसी मैं खिली।
मिल गई मुझे नई ज़िंदगी,
तुझसे मिलकर ऐसा लगा,
रास्ता ज़िंदगी का मिल गया।
जैसे मुझे मेरा संसार मिल गया
ओ मेरे मितवा मेरे मितवा ओ मेरे मितवा
Friday, 27 March 2026
ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का
ये शहर में होचर्चा पूरे गया
Thursday, 26 March 2026
आशिकी है एक नशा,
आशिकी है एक नशा,
थोड़ा-थोड़ा होने लगा।
मैं शराबी तो नहीं था,
उसकी नज़रों ने बना दिया।
किसी ने पी जाम से,
किसी ने बोतल से,
मैंने पी कोल्ड ड्रिंक,
बस उसके नाम से।
उसका नाम था इतना नशीला,
शराबी मुझे बना दिया।
आशिकी है एक मज़ा,
थोड़ा-थोड़ा होने लगा।
मैं शराबी तो नहीं था,
उसकी नज़रों ने बना दिया।
इतना नशीला उसका हुस्न है,
नशा है उसके प्यार में।
देख के बहक जाए दिल,
ऐसा नशा है उसके दीदार में।
उसकी यादें इतनी नशीली,
देखा तो लगा मैंने पी ली।
मैं कभी मयखाने में गया नहीं,
उसने रास्ते को मयखाना मेरा बना दिया।
चमक बढ़ जाती है मेरी आंखों की
जब भी वह रास्ते में मुको मिलते हैं
उनके जलबो की शराब में चुराना लूं
इसलिए मुझ से बच के निकलते हैं
वैसे तो मैं उससे डरता नहीं
आशिक हूं सच्चा पीछा करता नहीं
मुझको यकीन है एक दिन
वह खुद पैगाम देंगे
अपनी नशीली अदाओं का
भर के खुशी से जाम देंगे
वह कई जन्मों से मेरा है
मैंने उसे पहचान लिया
मैं शराबी तू नहीं था
उसकी नजरों ने बना दिया
एक हकीकत यह भी है
वो भी मुझेपहचानते हैं
मेरा घर गली का पता
वो जाने कैसे जानते हैं
एक दिन मैंने देखा उसे
अपनी गली में
मुलाकात उसे बढ़ने लगी
सिलसिला ये शुरू हुआ
मोहब्बत परवान चढने लगी
उसने अपने इश्क का इजहार किया
दीवाना मुझे बना दिया
अपनी यादों का जाम दे के
शराबी मुझको बना दिया
वह कुछ शाकी खुद मयखाना खुद जाम ह
मेरी खुश किस्मती है उसे पर लिखा मेरा नाम है
मेक हौसला करूंग दिल की बात कहूंगा
उसको चाहने लगा हूं उसे पर मरने लगा हूं
सोचता हूं वह क्या रहेगी
मुझ दूर जाएगी मेरी बनेगी
यह फैसला अब किस्मत करेगी
मैंने उसे अपनी किस्मत बना लिया
आशिकी है एक नशा,
थोड़ा-थोड़ा होने लगा।
मैं शराबी तो नहीं था,
उसकी नज़रों ने बना दिया।
सत्रह बरस की जवानी हो गई
Wednesday, 25 March 2026
ना कहीं कोई दिलरुबा मेरा इंतजार करती तो होगी
मेरा जादू चल जाएगा
चुनरिया कोरी
वैया ये गोरी गोरी
हार गले का तेरे बन जाएंगी
तुझसे लिपट जाएंगी
बीन बाजा बारात डोली
मेरी चुनरिया बोली
तेरी मैं बन जाऊंगी
पकड़ ले कलाई मेरी
मैं भी सवर जाऊंगी
तेरे बिना अब तो सैया
मैं तो मर जाऊंगी
मेरे सनम कह दे तू
अपने प्यार की दुनिया सजा लू मैं
आजा मेरे दिल में आजा तुझे दिल में छुपा लूं मैं
नजरों में नजारे नहीं तुझको बसा लूं मैं
Tuesday, 24 March 2026
जंगली जानवरों से भी बड़े जानवर घूमते हैं यहां
बढ़ने लगी दिल में कशिश
ख्यालों में धुआं उतना अभी बाकी है
चल पडी एक हवा प्यार की
Monday, 23 March 2026
मेरी चाहतों को कोई नाम दे दो
Sunday, 22 March 2026
हुस्न की रानी हूं तेरी मैं दीवानी हूं
Saturday, 21 March 2026
इश्क़ वालों से जलना छोड़ दो,
[शुरुआती चार पंक्तियाँ - बतौर शेर/शायरी]
खुद तो इश्क़ करते हैं, इश्क़ वालों से जलते हैं,
इश्क़ को बदनाम करते हैं, इश्क़ से भी डरते हैं।
इश्क़ में भी हैसियत देखते हैं ये लोग,
और महफ़िल में सरेआम इश्क़ करते हैं!
[गीत का मुख्य भाग - गायन शैली में]
इश्क़ वालों से जलना छोड़ दो,
वरना लोगों तुम इश्क़ करना छोड़ दो।
इश्क़ वालों से जलना छोड़ दो,
वरना लोगों तुम इश्क़ करना छोड़ दो।
चाहत का मज़ा लेना चाहते हैं,
दूसरों की चाहत पे पत्थर मारते हैं।
झूमते हैं खूब सुबह-शाम गलियों में,
इश्क़ से जलने वाले घूमते हैं खूब।
अपने सनम के महबूब बन जाते हैं,
दूसरों को आकर आँखें दिखाते हैं खूब।
इनकी में नज़र आशिक का इश्क़ करना गुनाह,
खुद अपनी सनम की बाहों में लेते पनाह।
अपने सनम पर तुम मरना छोड़ दो,
इश्क़ है गुनाह तो इश्क़ करना छोड़ दो।
इनकी मोहब्बत तो करेगी मज़ा,
हमारी मोहब्बत को मिलेगी सज़ा।
ये मोहब्बत की महफ़िल सजाएँगे,
हम मोहब्बत में पत्थर खाएँगे।
यह महफ़िलों में हँसेंगे-हँसाएँगे,
और हमें लात-घूँसे खिलाएँगे।
मोहब्बत से इतनी नफरत है तुमको,
तड़पा-तड़पा के मार डालोगे हमको।
मोहब्बत की दुनिया में लगाना छोड़ दो,
दुनिया न जाने क्यों मोहब्बत को देती सज़ा है।
उनकी मोहब्बत मोहब्बत है, हमारी मोहब्बत एक सज़ा है!
चुपके-चुपके मोहब्बत करते हैं ये,
मौज-मस्ती, सैर-सपाटा करते हैं ये।
हम अपनी मोहब्बत छुपाते नहीं,
मोहब्बत के दुश्मनो तुम भी अपनी मोहब्बत छुपाना छोड़ दो।
मोहब्बत से इतनी नफरत है तो,
ऐ लोगों तुम आशिक बनना छोड़ दो!
हम इश्क करते हैं गुनाह नहीं करते
तुम्हारी किसी सजा से हम नहीं डरते
देखेंगे कितना हमारे दरमियां फासला
है
हमें आपके दरिया से गुजरने का हौसला है
मोहब्ब्त को दुनिया में झुकना नहीं देंगे हम
सच्ची मोहब्बत को मिटाने नहीं देंगे हम
एक बार नहीं सौ बार हम कहेंगे
जब तक जिएंगे मोहब्बत करेंगे
हमारी मोहब्बत को आजमाना छोड़ दो
इश्क़ वालों से जलना छोड़ दो,
वरना लोगों तुम इश्क़ करना छोड़
ओ अंबे मैया पार लगा दे मां मेरी नैया
Friday, 20 March 2026
ओ सैयां दीवाने मेरा नशा तुझे चढ जाएगा
प्यार की एक नजर को मोहताज ईद हुई
Thursday, 19 March 2026
दिल तुम्हारा मुझको चाहने लगा है
दिल तुम्हारा मुझको चाहने लगा है
कुछ कहने से पहले, इतना तुम कह देना,
कि दिल तुम्हारा मुझको चाहने लगा है।
दिल तुम्हारा मुझको चाहने लगा है,
रात-रात भर मुझको जगाने लगा है।
प्यार तो मैंने भी तुझसे यार किया है,
तेरे लिए अपना दिल बेकरार किया है।
तू चाहता है तेरी जोगन बन दर-दर फिरु
आशिक पर
अभी तो तुझको मेरे साथ जीना है...
मेरा दिल भी तुमको चाहने लगा है...
यार परवाह नहीं, मैं डरता नहीं,
डरता जो मैं, तो प्यार-प्यार करता नहीं।
भोले मेरे साजन, तू आशिक बनने लगा है,
दिल ही दिल में मुझ पर तू मरने लगा है।
मेरी अदाओं का जादू तुझ पर चढ़ने लगा है,
दिल ही दिल में तू सनम, मुझ पे मरने लगा है।
अंतरा
आशिक तो बस इश्क में जान देते हैं,
जब किसी को एक बार अपना मान लेते हैं।
मरते-मरते अंत तक बस सनम का नाम लेते हैं,
आशिक तो बस इश्क में जान देते हैं।
ओ सनम, तू ऐसी... ओ सनम, तू ऐसी बातें ना कर,
तेरी बाते सुनकर लगता है मुझको अब डर।
ओ सनम, तू अब ऐसी बातें ना कर,
तेरी बातों से लगता है मुझको अब डर।
प्यार तो मैंने भी तुझसे सनम किया है,
मैं तुझको अपनी बाहों का हार तुझको पहनूंगी
तू डोली लेके आजा मैं तेरे साथ आऊंगी
तेरे लिए अपना दिल बेकरार किया है।
अभी तो तुझको मेरे साथ जीना है...
ए सनम तेरी यह मोहब्बत जिंदगी है मेरी
भजन: माँ शेरावाली
भजन: माँ पहाड़ों वाली
(मुखड़ा)
माँ पहाड़ों वाली, माँ शेरावाली,
तेरे द्वारे आया हूँ, लेकर झोली खाली।
मेरी माँ पहाड़ों वाली, ओ माँ जगराते वाली,
ओ माँ पहाड़ों वाली!
(अंतरा 1)
माँ तुझसे ही आस मेरी, तू ही पास मेरे,
तू चाहे तो पल में हर ले, दुखों के अँधेरे।
तुझे अपना दर्द सुनाने, मैं आया तेरे द्वारे,
बनके सवाली माँ शेरावाली, खड़ी हूँ तेरे सहारे।
(अंतरा 2)
लंबी कतार में भक्त तेरे, लेकर आए दुखड़ा भारी,
तू दरस दिखा दे अम्बे माँ, मैं दर्शन का हूँ भिखारी।
तू ही माता, तू ही विधाता, तुझसे ही मेरा नाता है,
बिन तेरे ममता के आँचल, अब यह जग नहीं भाता है।
(अंतरा 3)
गली-गली में गूँजे मैया, रात-रात भर तेरा जगराता,
मैं भी अपनी झोली फैला, हर जगराते में आता।
मेरी समझ में कुछ नहीं आता, फिर भी महिमा सुनता हूँ,
बैठा-बैठा मन ही मन, बस तेरा नाम ही जपता हूँ।
(अंतरा 4)
भक्तों पर उपकार है तेरा, जो सुमिरन बार-बार करें,
तू सुनती सबकी अरज भवानी, सबकी नैया पार करे।
तेरे दर से कोई सवाली, कभी न जाता खाली हाथ,
सिर पर रख दे हाथ दया का, दे दे अपना साथ।
(समापन)
मैं आया हूँ तेरे द्वार, न जाऊँगा अब खाली,
सुन मेरी पुकार माँ, कर दे बेड़ा पार माँ शेरावाली।
माँ पहाड़ों वाली, माँ शेरावाली...
ज़ोर से बोलो - जय माता की!
प्रेम से बोलो - जय माता की!
सारे बोलो - जय माता की!
जयकारा शेरावाली का, बोल सांचे दरबार की जय!
Wednesday, 18 March 2026
बहक गई जवानी तो मैं क्या करूं
तेरी हर अदा पे मेरा दिल फिदा
मेरी चाहत तू है, मेरा अरमान तू है,
मेरे दिल से, मुझसे अभी अनजान तू है।
मुझे पहचान ले, मुझे जान ले सनम,
आज की रात, मेरी महमान तू है।
देख, मत कर कोई भूल से तू खता,
सनम, मेरे दिल की धड़कन तू है,
तेरे-मेरे बीच में ये फासला क्यों है
मेरी मोहब्बत का गुलशन तू है,
अब कह भी दे, क्या है तेरी रजा
ओ हसीना...ओ हसीना,
ओ हसीना...
ओ हसीना, दिल अपना बचाना,
मैं चोरी करने आ गया,
मैं दिल चुराने आ गया,
तुझे अपना बनाने आ गया।
तेरे दिल की धड़कनों को मैं सुन रहा हूँ,
कितनी ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा है, मैं धड़कन गिन रहा हूँ।
ओ हसीना, दिल बचाना, मैं दिल चुराने आ गया,
तुझे अपना बनाने आ गया
मैंं चमन में तुझे ले जाऊंगा
फूलों से फूलो की खुशबू से तुझे मिलाऊंगा
प्यार से मैं तुझे अपना बनाऊंगा
फिर धोखा दे कर तेरा दिल चुराऊंगा
तेरी भोली सूरत मेरे दिल को दीवाना बनाती है
तेरी हर अदा अब मेरे दिल को बहुत सताती है
सपनों की दुनिया में तुझे चलना मेरे साथ है
सुन मेरी महबूबा मैं तुझे लेने आ गया
ओ हसीना...
ओ हसीना, दिल अपना बचाना,
मैं चोरी करने आ गया.........(1)
Badalon ke use paar Ghar apna banayenge
बादलों के उसे पार घर अपना बनाएंगे
सतरंगी रंगों से घर अपना सजाएंगे
मैं और तू होंगे वहां कोई और होगा नहीं
उसे घर को सितारे आकर जगमगाएंगे
सच सितारे उसे घर में अपनी रोशनी छोड़ जाएंगे
कलियों से फूलों से घर का आंगन अपना सजाएंगे
मैं तुझे प्यार का सपना दिखाने आ गया
ओ हसीना...
ओ हसीना, दिल अपना बचाना,
मैं चोरी करने आ गया,
मेरे साथ चलने का इकरार तू कर ले
ओ सनम ओ सनम मुझसे पर प्यार तू कर ले
तेरी हर हसरत को पूरा करूगा वादा है
तेरी हर सपने को पूरा करने का वादा है
रूठना मत ओ जाने जा,
मैं आशिक दिल फेक नहीं
एक बार बता दे सनम क्या तेरा इरादा है
मैं तुझे प्यार की सच्चाई बतानेआ गया
ओ हसीना...
ओ हसीना, दिल अपना बचाना,
मैं चोरी करने आ गया,
Monday, 16 March 2026
तन मन में आग लगी सजना अबतो आजा
नीली आँखें, नीली इतनी नशीली...
Sunday, 15 March 2026
इश्क की बात हुई तन्हा एक रात हुई
न थमी वो बारिश, न रुकी वो गुफ्तगू,
हर बूँद में घुली थी बस तेरी ही जुस्तजू।
दुनिया से कट के हम एक दूजे में खो गए,
उस भीगी रात में हम मुकम्मल हो गए।"
बाली उमरिया (गीत - हिंदी में)
[मुखड़ा]
बाली उमरिया मोरी, नज़रें शराबी तोरी
चुनरिया खिसक गयी मोरी, आफत हो गई मोरी
[अंतरा 1]
सजन काहे तू देखे ऐसे मुझको,
नज़रों से अपनी पी जाएगा मुझको
सजन काहे तू देखे ऐसे मुझको,
नज़रों से अपनी पी जाएगा मुझको
नज़रें शराबी तोरी, नियत में खराबी तोरी
हिय में सांस अटक गयी मोरी
बाली उमरिया मोरी, नज़रें शराबी तोरी
चुनरिया खिसक गयी मोरी, आफत हो गई मोरी
[अंतरा 2]
काहे तू मुझे सताए जाए, चुनरिया खींचे जाए
पिया तू मोरा जोबन अंखियों से पीये जाए
रंगत गालों की गुलाबी, बलमा हो गययी मोरी
रंगत गालों की गुलाबी, बलमा हो गययी मोरी
बाली उमरिया मोरी, नज़रें शराबी तोरी
[अंतरा 3]
मोहे तू क्यों सताए, काहे तू नज़र लड़ाए
पकड़ ले बहियाँ मोरी, मैं हो जाऊगी तोरी
पकड़ ले बहियाँ मोरी, मैं हो जाऊगी तोरी
तू जोरा-जोरी, तो अनबन होगी मोरी
चुनरिया खिसक गयी मोरी, आफत हो गई मोरी
सनम तू बाहों में लेकर
दिखाइए सीना जोरी
शर्म से हो गयी मैं
बलमा पानी पानी
सजना बहता पानी
शर्म से हो गयी मैं
बलमा पानी पानी
सजना बहता पानी
अब बस इतना बता दे
मोहे कब बनाएगा
अपनी रानी
देख ले निकल के आई
यह हसी जवानी मोरी
देख ले निकल के आई
यह हसी जवानी मोरी
बाली उमरिया मोरी, नज़रें शराबी तोरी
मुझे तू भोली समझे
समझा तूने गांव की गवारन
सबक सिखला दूंगी सबक सिख ला दगी
सबक सिखला दूंगी सबक सिख ला दगी
प्यार का लंबा तोहे
आजा बाहों में मोरी
प्यार का लंबा तोहे
आजा बाहों में मोरी
किलास लगा दूं तोरी
चुनरिया खिसक गयी मोरी, आफत हो गई मोरी
[
Saturday, 14 March 2026
मैं वो आशिक नहीं
मान जा मान जा ओ सनम, मेरा पीछा छड़ दे
सच्चा नहीं, झूठा ही इकरार कर ले
तेरी मीठी बातों में आना नहीं,मैं कोई पागल दीवाना नहीं।
मान जा मान जा ओ सनम, मुझे से प्यार तो कर ले।
सच्चा नहीं, झूठा ही इकरार कर ले
हाथ धोके मेरे पीछे पड़ी हैक्यों,मुझे अपना आशिक़ बनाने पे अड़ी है क्यों?
तू मुझसे प्यार तो कर लेमान जा ओ सनम मान जासच्चा नहीं, झूठा ही इकरार
मैं वो आशिक नहीं हूँ, मेराऐतबार तू कर ले,
मान जा ओ सनम, मान जा ओ सनम प्यार का इकरार कर ले
तेरी मीठी बातों में आना नहीं,मैं कोई पागल दीवाना नहीं।
सच्चा नहीं झूठा, झूठा ही सही इकरार तू कर ले।
देख मुझको जीना है मरना नहीं,भूल से भी प्यार तुझसे करना नहीं।
मान जा मान जा ओ सनम,सच्चा नहीं झूठा सहीसनम तू प्यार कर ले।
तू अपना दीवाना किसी और को कर ले,हाथ धोके मेरे पीछे पड़ी है क्योमुझे अपना आशिक़ बनाने पे अड़ी है क्यों?
तुझसे मेरी आँखें चार हो गईं,मेरे दिल की धड़कन बीमार हो गई जाकर किसी और से इलाज करा ले,
तेरी मीठी बातों में आना नहीं,मैं कोई पागल दीवाना नहीं।
सच्चा नहीं, झूठा सही इक़रार कर ले।मान जा ओ सनम, मान जा,मुझसे प्यार कर ले।
मैं वो आशिक नहीं हूँ, मेराऐतबार तू कर ले,
उम्र तेरी सनम शादी की है, उम्र मेरी सनम बर्बादी की है।
कब तक मैं तेरा और इंतज़ार करूँगी?मर भी जाऊँगी तो तुझसे प्यार करूँगी।
तेरी मीठी बातों में आना नहीं,मैं कोई पागल दीवाना नहीं।
देख तू अब मुझे रुलाने लगा,ज़ालिम बन गया, मुझको सताने लगा।
तुझ पर तरस मुझे आने लगा,तेरी बातों से दिल घबराने लगा।
आजा सनम अब मुझसे प्यार कर ले,अपना ये इंतज़ार आज खत्म कर लेझूठा नहीं... ना ना ना ना ना...सच्चा सनम, तुम मुझसे प्यार कर ले।
खत्म अब ये तकरार कर ले,
आजा सनम मुझसे तू प्यार कर ले।तुमअपना इंतज़ार खत्म कर ले।
din ke bad bhi din hota Hai hota Hai
[Intro - Slow Sarangi and Soft Guitar]
[Chorus]
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
[Verse 1]
सोच समझ के करना मोहब्बत
की है मोहब्बत तो डरना मत
धोखा ना देना अपनी मोहब्बत को
वरना मोहब्बत करना मत
मोहब्बत में दिखती है जन्नत भी
होती है सच्चे मोहब्बत वालों की मन्नत भी
मोहब्बत का एतराम खुदा को भी होता है होता है...
[Chorus]
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
[Verse 2 - With a satirical tone]
आशिक सपनों में रंगीन रातें सजाते हैं
प्यार में बड़ी बड़ी कसमें हर दिन खाते हैं
एक मिली दूसरी छोड़ी पहले वाली रोती है रोती है
ये हसीनाऐ भी कुछ कम नहीं, जलवा अपना दिखाती हैं
एक साथ खाई आइसक्रीम, दूसरे के साथ पाव भाजी खाती है
सामने जब पहला वाला आशिक आया
पूछो उसकी हालत कैसी होती है होती है
वह बेचारा जाके कहीं तन्हाइयों में रोता है रोता है
[Bridge - Emotional intensity increases]
खेल मोहब्बत को दुनिया ने आज बना दिया
एक नया इल्जाम मोहब्बत के सर पर लगा दिया
आशिक होते थे आशिकी भी होती थी
वो जमाना और था जब लैला प्यार में रोती थी रोती थी
लैला के प्यार में मजनू सब लैला देखता था
मजनू कोड़े खाता है, जख्म लैला को होता है होता है
[Verse 3]
ऐसी पाक मोहब्बत अब नहीं मिलती
झूठे मक्कार मिलेंगे सच्ची मोहब्बत नहीं मिलती
खुशनसीब है वह जिसको प्यार मिला
अब तो हमने देखा यही प्यार में धोखा मिला प्यार में धोखा मिला
मोहब्बत के झोंको की कहानी से
रोज अखबार भरा होता है होता है
[Outro - Fading out with a deep sigh]
ऐसे ही हसीनों की मोहब्बत
रात दिन दिन रात रोती है रोती है
आज मजनू भी रोता है रोता है
आज लैला भी रोती है रोती है...
वो हमसे बेहतर है, ये देख हमें जलन होती है,
"वो हमसे बेहतर है, ये देख हमें जलन होती है,
पर उसकी असलियत भला किसने पहचानी है?
खुदा जाने कहाँ से बटोरी है ये हराम की दौलत,
उसकी फितरत तो अभी तक एक अनकही कहानी है।"
Friday, 13 March 2026
एक ख़्वाब सजाना चाहता है यह पागल दिल,
एक ख़्वाब सजाना चाहता है यह पागल दिल,
सनम तुझको पाना चाहता है यह पागल दिल।
इस दिल ने कर दी बड़ी मुश्किल,
हाय मेरा दिल बेगाना हो गया,
हाय मेरा दिल बेगाना हो गया।
दिलदार के चक्कर में यह रोता रहता है,
खामोश रहता है, कुछ भी नहीं कहता है।
इस दिल का हाल बुरा है,
जाने किस पर आ गया है।
इस पागल दिल को अब समझाना मुश्किल है,
इसके साथ में यारों मेरा जीना मुश्किल है।
एक ख़्वाब चाहना चाहता है यह पागल दिल,
सनम तुझको जानना चाहता है यह पागल दिल।
ये यहां वहां जहां भी जाता ह
बस अपनी आरजू ढूंढता है
कोई समझा दे इस दिल को
जो अपने कातिल को ढूंढता है
इस दिल में मेरा जीना मुश्किल कर दिया
कभी खुशी नहीं देता बस गम ही देता है
जाने किसको यह अपनी महबूबा कहता है
यह दिल लोफर है यह दिल आवारा है
मैं क्या समझाऊ इसको यह लगता आवारा है
किसे देखा नहीं जाना नहीं कुछ पाना चाहता है ये दिल हाय ये दिल
एक ख़्वाब सजाना चाहता है यह पागल दिल,
सनम तुझको पाना है यह पागल दिल।
दीवाना है यह दिल बेगाना है
कोई तुमसे हसीना जब इसको मिल जाएगी
तब क्या होगा मेरा जब इसको चाहेगी
यह आसमान में होगा मैं धरती पर रहता
हूं
इसीलिए इसको मैं दीवाना कहता हूं
मेरी एक नहीं सुनता सब इसकी चलती है
यह किसी सरफिरे आशिक का दिल है
बे मौत मरना चाहता है पागल है ये दिल
एक ख़्वाब सजाना चाहता है यह पागल दिल,
सनम तुझको पाना चाहता है यह पागल दिल।
अरमान कभी यारों दिल के पूरे नहीं होते
इसकी चाहत पूरी होती तो आशिक ना रोते
बेवजह बेमतलब अपना आपा नहीं खोते
कोई रोको इसे सुसाइड करना चाहता ह पागल है दिल बेमौत जवानी में मरना चाहता है
अरमान कभी यारों दिल के पूरे नहीं होते
इसकी चाहत पूरी होती तो आशिक ना रोते
सनम तुझको जानना चाहता है यह पागल दिल हाय पागल हाय मेरादिलल
मेरे दिल की धड़कनों को तुम सुनो
मेरे दिल की धड़कनों को तुम सुनो
कह रही हैं सनम, प्यार करते हैं तुमसे हम
अफ़साने कह रहे हैं ये नज़ारे
तुमको कर रहे हैं कुछ इशारे
हवाएं गा रही हैं तराने
बन गए हैं हम सनम तुम्हारे दीवाने इन फिजाओं में बसी है खशबू कोई
बेखुदी ही इस दिल पर छाई है
आज ये बिखरी चांदनी शरमाई है
दूर बजती कहीं शहनाई है
छेड़ रखी किसी ने कोई रुबाई है
यह दिल भी प्यार का गीत गा रहा है
मेरे दिल ने मुझसे की बेवफाई है
पुकार तुमको रहा बार-बार
हो रहा है बड़ा बेकरार
मेरे दिल की धड़कनों को तुम सुनो
ज़िंदगी है सनम, प्यार जो तुमको करते हैं
तू तन्हाइयों में सताने लगा है
सनम तू अब याद आने लगा है
मुझे इश्क का नशा सा हो गया है
तेरीआखों में दिल मेरा खो गया है
आहे है दिल अब ये भरने लगा है
मुझे अपना सा जहां लगने लगा है
सनम हो गई है तुमको मुझसे मोहब्बत
इन वादियों में इकरार आज हम करते हैं मेरे दिल की धड़कनों को तुम सुनो
कह रही हैं सनम, प्यार करते हैं तुमसे हम मेरे दिल की धड़कनों को तुम सुनो
हमने तुमको अपना कह दिया
दिल हमने सनम तुमको दे दिया
तुम तो कब से मेरे दिल में बस गए हो
आंखों ने इस इशारों में ही कह दिया
अब साथ-साथ ही जीना मरना है
यह वादा सनम अब हम तुमसे करते हैं
मेरे दिल की धड़कनों को तुम सुनो
ज़िंदगी है सनम, प्यार जो तुमको करते हैं
तुझे प्यार हम मेरे सनम करते हैं
यह दिल ये जान तुम्हारी है
इकरार सनम हम करते हैं
मेरे दिल की धड़कनों को तुम सुनो
मेरे दिल की धड़कनों को तुम सुनो
एक नेक इंसान ने खुदा से ये पूछा,
एक नेक इंसान ने खुदा से ये पूछा, ऐ खुदा मुझको इतना बता दे जहाँ में और क्या-क्या होगा।
कब मिटेगी ये दुनियादारी, दिन क़यामत का कौन सा होगा?.
खुदा कहने लगा फक्र है मुझको ऐ बंदे तुझ पे, तूने पूछा जो सवाल मुझसे।
अब जवाब तू अपना सुन ले, दिन क़यामत का तू याद कर ले।
शान इंसान की रखी है अल्लाह ने, मगर उसने खुद अपनी आबरू लुटाई।
दौलत एक ग़म है जो बाँट दी जहाँ में, बख्श कर जिले मोहब्बत, जहाँ में रूह भी बख्शी
सच्चाई समझ मेरे बंदे, तुझ पर क़यामत आई,
जब तूने कर्म छोड़े और सिर्फ दौलत कमाई।
इबादत में भी ये तो ढूँढे मुनाफ़ा, खुदा को भी ठगने की फितरत है पाई।
ज़ुबां पे है कलमा, बग़ल में है खंजर, ये कैसी अदाकारी तूने दिखाई?
आखिर तो खुदा के दर पर ही होनी है सुनवाई,
वहाँ न चलेगी तेरी ये दौलत, न चतुराई।
सब कुछ यहीं छोड़ के जाना है मुसाफिर, खाली ही हाथ आया था, और खाली है विदाई।
पर भाग न फर्ज़ों से, न बन झूठा वैरागी,
समाज में रह कर ही कर, तू कर्मों की कमाई।
कांटों भरा रस्ता है, मगर हक़ पे डटे रह,
बस नेक अमल से ही मिलेगी तुझे रिहाई।