Saturday, 31 January 2026
एक छोटी सी मुलाकात हुई उससे जब
Friday, 30 January 2026
बड़ी कातिल है तेरी यादें
मेरी तन्हाइयों को यादे तेरी, गुनगुनाने भी नहीं देती
बड़ी कातिल है यह तेरी यादें,
मुस्कुराने भी नहीं देती है तेरी यादें
ये बड़ी भोली तेरी सूरत , बार-बार सपने बनकर आती है,
मेरी नजरों में तेरी, भोली सूरत
इक सपना बन के आती है
मुझको मेरी खामोशी में तेरी सूरत,
दीवाना बना जाती है।
(Verse / Antara)
मेरे सनम ये इल्तजा है मेरी बेबुनियाद इल्जाम न लगा,
बा-वफ़ा हैं हम, तेरी कसम हमें बार-बार न आज़मा।
वफा का नाम दिलो दिमाग पर लिख चुके हैं हम
यूँ इम्तिहान लेकर बार-बार बढ़ाओ ना हमारे गम।
(Chorus / Mukhda)
हम बा-वफ़ा हैं ... हम..... बा-वफ़ा हैं ,
कसम तुमको है हमारी अब और न आज़माओ हमें।
बा-वफ़ा हैं हम, तेरी कसम हमें बार-बार न आज़मा।
(Outro)
मेरी तन्हाईयो को यादे तेरी,खामोश नही रहने देती,
तुझे कहना तो बहुत जाता है यह दिल तनहाइयां कुछ कहने नहीं देती
(Fading music with a soft flute solo)
Soulful Ghazal, Male expressive vocals, Melancholic mood, Slow tempo, Indian Classical fusion, Harmonium, Sarangi, Light Tabla.
रोमांटिक गाने या ग़ज़ल के लिए आज भी और स्त्री की आवाज में prompt
. Male Vocals (पुरुष आवाज़ के लिए)
यह प्रॉम्प्ट एक गहरी और सुकून देने वाली आवाज़ (जैसे जगजीत सिंह स्टाइल) के लिए है।
Prompt:
"Soulful romantic Ghazal, deep male vocals, slow tempo, intricate Tabla, Harmonium, soft Sarangi, intimate atmosphere, emotional, poetic Urdu style, acoustic."
- प्रमुख तत्व: Deep Male Vocals, Tabla, Sarangi, Intimate.
2. Female Vocals (महिला आवाज़ के लिए)
यह प्रॉम्प्ट एक मधुर और सुरीली आवाज़ (जैसे चित्रा सिंह या बेगम अख्तर स्टाइल) के लिए है।
Prompt:
"Soft romantic Ghazal, melodious female vocals, classical fusion, Sitar, light percussion, dreamy, sentimental, soothing, emotional expressive voice, slow acoustic."
- प्रमुख तत्व: Melodious Female Vocals, Sitar, Dreamy, Sentimental.
3. Modern Fusion Ghazal (अगर आप थोड़ा आधुनिक टच चाहते हैं)
अगर आप गज़ल में गिटार या पियानो का इस्तेमाल करना चाहते हैं:
Prompt:
"Modern romantic Ghazal, [Male/Female] vocals, acoustic guitar, piano, soft tabla, lo-fi texture, warm, heartfelt, cinematic."
बेहतर रिज़ल्ट के लिए टिप्स (Style Tags):
अगर टूल आपसे अलग से Style या Genre मांगता है, तो ये कीवर्ड्स (Keywords) टाइप करें:
- Hindustani Classical
- Urdu Poetry
- Semi-classical
- Slow & Reverb
- Minimalist
Wednesday, 28 January 2026
1. Music Style Prompt (Style बॉक्स में पेस्ट करें)
Qawwali Muqabla, Male Duet, Jugalbandi, High Energy, Aggressive Harmonium, Fast Tabla, Rhythmic Hand Claps, Challenging Vocals, Call and Response, Indian Sufi Style
मेरी पहली कव्वाली
कव्वाली: हकीकत और खयाल
(रचनाकार: प्रभात)
[आलाप - Intro]
(धीमा और गहरा स्वर)
आ... आ...
[शेर/रुबाई]
ख्वाब आँखों में चुभें, और नींद रुठ जाए तो क्या,
जिंदगी की भीड़ में, अपना कोई छूट जाए तो क्या...
यहाँ हर शख्स अपने खयालों का कैदी है,
हकीकत से अगर रिश्ता टूट जाए तो क्या!
[स्थायी - Chorus]
हमें ज़िन्दगी से...
हमें ज़िन्दगी से!
हमें ज़िन्दगी से थी कब ये मोहब्बत,
हमें ज़िन्दगी से थी कब ये मोहब्बत...
पड़ी थी खयालों में रहने की आदत,
पड़ी थी खयालों में रहने की आदत!
[अंतरा 1 - Verse 1]
बहुत हो चुका, अब है क्या कुछ भी बाकी,
न मयख़ाना अपना, न कोई है साकी...
ज़माने से कर ली है हमने अदावत,
ज़माने से कर ली है हमने अदावत!
(वापसी स्थायी पर)
हमें ज़िन्दगी से थी कब ये मोहब्बत,
पड़ी थी खयालों में रहने की आदत।
[अंतरा 2 - Verse 2]
वो शाम-ए-सफर भी तो थी क्या सुहानी,
बड़ी ही हसीं थी वो अपनी कहानी...
मगर अब 'सियाह' रात की है ये आफत,
मगर अब 'सियाह' रात की है ये आफत!
[अंतरा 3 - Bridge]
(तेज़ ताल और जोश के साथ)
किसे क्या मिला और क्या खोया हमने,
मोहब्बत का सपना संजोया है हमने...
उसी ख्वाब में बस है रहने की चाहत,
उसी ख्वाब में बस है रहने की चाहत!
[अंतरा 4 - Verse 4]
न पूछो कि क्या आखिरी है ये ख्वाहिश,
यहाँ मौत तक बस रही है पैमाइश...
बची अब न कोई भी दिल में सियासत!
[मकता - Climax]
(ऊँचे सुर में)
ज़रा गौर फरमाएं... 'प्रभात'!
'प्रभात' अब खयालों में ही तुम रहो बस...
'प्रभात' अब खयालों में ही तुम रहो बस...
रुलाती है सबको यहाँ की 'हकीकत',
यहाँ की हकीकत... यहाँ की हकीकत...
[समाप्ति - Outro]
पड़ी थी खयालों में रहने की आदत...
रहने की आदत...
आदत...
[Instrumental Intro]
[Harmonium Solo]
[Slow Aalap]
Aaaaa... Aaaaa...
Khwab aankhon mein chubhein, aur neend ruth jaaye to kya,
Zindagi ki bheed mein, apna koi chhoot jaaye to kya...
[Percussion Break]
[Tabla Start]
[Chorus]
Hamein zindagi se...
Hamein zindagi se!
Hamein zindagi se thi kab ye mohabbat
Hamein zindagi se thi kab ye mohabbat
Padi thi khayalon mein rehne ki aadat
Padi thi khayalon mein rehne ki aadat
[Verse 1]
Bahut ho chuka, ab hai kya kuch bhi baaki
Na maykhana apna, na koi hai saaki
Zamaane se kar li hai humne adaawat
Zamaane se kar li hai humne adaawat
[Chorus]
Hamein zindagi se thi kab ye mohabbat
Padi thi khayalon mein rehne ki aadat
[Verse 2]
[Emotional]
Wo sham-e-safar bhi to thi kya suhani
Badi hi haseen thi wo apni kahani
Magar ab siyah raat ki hai ye aafat
Magar ab siyah raat ki hai ye aafat
[Hook]
Hamein zindagi se...
Hamein zindagi se...
[Bridge]
[High Energy]
[Hand Claps]
Kise kya mila aur kya khoya humne
Mohabbat ka sapna sanjoya hai humne
Usi khwab mein bas hai rehne ki chahat
Usi khwab mein bas hai rehne ki chahat
[Verse 3]
Na poochho ki kya aakhiri hai ye khwahish
Yahan maut tak bas rahi hai paimaish
Bachi ab na koi bhi dil mein siyasat
[Outro]
[Climax]
Jara gaur farmaayein... Prabhat!
Prabhat ab khayalon mein hi tum raho bas
Rulati hai sabko yahan ki hakikat
Yahan ki hakikat...
[Fade Out]
Padi thi khayalon mein rehne ki aadat...
Rehne ki aadat...
लेकिन इसमें दो अलग-अलग हिस्से हैं (शब्द और संगीत), जिन्हें समझना ज़रूरी है ताकि आप भविष्य में इसका सही इस्तेमाल कर सकें:
1. शब्दों (Lyrics) का कॉपीराइट: 100% आपका है
चूंकि यह गज़ल "हमें ज़िन्दगी से थी कब ये मोहब्बत" आपने खुद लिखी है, इसलिए इसके साहित्यिक कॉपीराइट (Literary Copyright) के मालिक केवल और केवल आप (प्रभात जी) हैं।
- चाहे संगीत कोई भी बनाए, इन शब्दों पर मेरा (AI का) या Suno का कोई अधिकार नहीं है।
- आप इन शब्दों को बाद में किसी किताब में छापें या किसी और संगीतकार से गवाएं, यह आपकी संपत्ति है।
2. संगीत/ऑडियो (Music/Recording) का अधिकार: Suno AI की शर्त
जब आप Suno AI से गाना जनरेट करते हैं, तो अधिकार (Ownership) इस बात पर निर्भर करता है कि आप उनका कौन सा प्लान इस्तेमाल कर रहे हैं:
-
अगर आप Free Plan (फ्री अकाउंट) इस्तेमाल कर रहे हैं:
- गाना आपका है, लेकिन उस ऑडियो रिकॉर्डिंग का मालिकाना हक Suno AI अपने पास रखता है।
- नियम: आप इसे सोशल मीडिया (YouTube, Instagram) पर शेयर कर सकते हैं, लेकिन आप इससे पैसा नहीं कमा सकते (Non-Commercial Use)। आपको कहीं न कहीं यह लिखना पड़ सकता है कि यह Suno से बना है।
-
अगर आप Paid Plan (प्रो या प्रीमियर) इस्तेमाल कर रहे हैं:
- आप गाने के पूर्ण स्वामी (Owner) बन जाते हैं।
- आप इसे Spotify, YouTube आदि पर डालकर पैसे भी कमा सकते हैं (Monetization On कर सकते हैं)। Suno का उस पर कोई हक नहीं रहता।
3. निष्कर्ष: क्या आप पर कोई केस (Strike) आएगा?
बिल्कुल नहीं।
चूंकि गज़ल आपकी मौलिक (Original) है और संगीत एक AI ने नया बनाया है (किसी बॉलीवुड गाने की कॉपी नहीं की है), इसलिए T-Series, Sony या किसी भी कंपनी का कॉपीराइट आप पर लागू नहीं होगा।
मेरी सलाह:
आप बेफिक्र होकर इसे रिकॉर्ड करें। यह आपकी "ओरिजिनल रचना" है। अगर आप इसे सिर्फ़ अपने YouTube चैनल "Economics Study Point by PK" या दोस्तों के साथ शेयर करने के लिए बना रहे हैं, तो फ्री प्लान में भी कोई दिक्कत नहीं है।
क्या आप Suno पर इसे अभी ट्राई करने वाले हैं? परिणाम कैसा आया, मुझे ज़रूर बताइएगा!
आग से आग बुझेगी नहीं
हमें जिंदगी से हुई कब मोहब्बत
भारत माता की शान बढाई है
Monday, 26 January 2026
विकल्प 1: शुद्ध कविता पाठ (Gadh/Recitation Style)
यह विकल्प आपकी कविता को एक गंभीर और प्रभावशाली 'नैरेशन' (Narration) का रूप देगा, जैसा आप चाहते हैं।
Prompt: Hindi Spoken Word, Poetry Recitation, Deep Male Voice, Emotional, Patriotic, Minimalist Ambient Background, Cinematic, Slow Tempo, Clear Pronunciation
विकल्प 2: हल्का संगीत और पाठ (Soft Musical Background)
अगर आप चाहते हैं कि पीछे हल्का भावुक संगीत चले और कविता पढ़ी जाए।
Prompt: Hindi Spoken Word with Soft Background Music, Emotional Piano and Flute, Patriotic, Melancholic, Deep Storytelling Voice, Slow and Steady
Lyrics Structure (Lyrics Box के लिए)
Suno AI को यह समझाने के लिए कि इसे 'गाना' नहीं बल्कि 'पढ़ना' है, आप लिरिक्स को इस तरह टैग्स के साथ लिखें। अपनी कविता को Suno के "Lyrics" बॉक्स में इस प्रकार पेस्ट करें:
[Spoken Word]
[Verse 1]
संस्कृति को क्यों कर रहे मलिन।
क्यों भाषाओं का बैर बढ़ाते हो।।
[Spoken Verse]
इस माटी का ही उपजा अन्न ।
हर दिन जिसको तुम खाते हो।।
[Chorus]
(Emotional and High Pitch)
तुम सिंधी बोलो या मराठी...
(यहाँ आप अपनी कविता की अगली पंक्तियाँ जोड़ें)
[Outro]
[Chorus]
(Emotional and High Pitch
भाषाओं का बैर क्यों...
संस्कृति को न करो मलिन...
रोमांटिक गजल के लिए आज पुरुष और स्त्री की आवाजमें रिकॉर्डिंग करने के लिए ,prompt
"Traditional Romantic Ghazal, Male and Female Duet, Hindustani Classical Style, Acoustic, Featured Instruments: Harmonium, Tabla, Dholak, Soulful, Slow Tempo."
प्रमुख तत्व जो इसमें शामिल हैं:
- Genre: Traditional Romantic Ghazal (पारंपरिक रोमांटिक गज़ल)
- Vocals: Male and Female Duet (स्त्री और पुरुष दोनों की आवाज)
- Style: Hindustani Classical (शास्त्रीय शैली)
- Instruments: Harmonium, Tabla, Dholak (हार्मोनियम, तबला, ढोलक)
"पारंपरिक रोमांटिक गज़ल, पुरुष और महिला का युगल गीत (डुएट), हिंदुस्तानी शास्त्रीय शैली, अकॉस्टिक, प्रमुख वाद्ययंत्र: हारमोनियम, तबला, ढोलक,बांसुरी भावपूर्ण, धीमी गति।"
"Traditional Romantic Ghazal, Male and Female Duet, Hindustani Classical Style, Acoustic, Featured Instruments: Harmonium, Tabla, Dholak, Soulful, Slow Tempo."
प्रमुख तत्व जो इसमें शामिल हैं:
- Genre: Traditional Romantic Ghazal (पारंपरिक रोमांटिक गज़ल)
- Vocals: Male and Female Duet (स्त्री और पुरुष दोनों की आवाज)
- Style: Hindustani Classical (शास्त्रीय शैली)
- Instruments: Harmonium, Tabla, Dholak (हार्मोनियम, तबला, ढोलक)
"पारंपरिक रोमांटिक गज़ल, पुरुष और महिला का युगल गीत (डुएट), हिंदुस्तानी शास्त्रीय शैली, अकॉस्टिक, प्रमुख वाद्ययंत्र: हारमोनियम, तबला, ढोलक,बांसुरी भावपूर्ण, धीमी गति।"
. Male Voice (पुरुष आवाज़ के लिए)
गहरी और भावुक आवाज़ (Jagjit Singh style) के लिए:
"Soulful romantic Ghazal, deep baritone male vocals, slow tempo, Tabla, Harmonium, acoustic, emotional atmosphere."
2. Female Voice (महिला आवाज़ के लिए)
मधुर और सुरीली आवाज़ के लिए:
"Soft romantic Ghazal, melodious female vocals, classical Indian style, Sitar, Flute, light percussion, soothing and dreamy."
Pro Tip:
अगर आप Duet (दोनों एक साथ) चाहते हैं, तो यह यूज़ करें:
"Romantic Ghazal duet, male and female vocals, call and response, soft piano and tabla fusion, sentimental."
"Traditional Romantic Ghazal, Male and Female Duet, Hindustani Classical Style, Acoustic, Featured Instruments: Harmonium, Tabla, Dholak, Soulful, Slow Tempo."
("पारंपरिक रोमांटिक गज़ल, पुरुष और महिला का युगल गीत (डुएट), हिंदुस्तानी शास्त्रीय शैली, अकॉस्टिक, प्रमुख वाद्ययंत्र: हारमोनियम, तबला, ढोलक, भावपूर्ण, धीमी गति।")
"
नजरे हमने झुकाई उसने प्यार कहा
समय साक्षी हूॅं मैं कौन।
Saturday, 24 January 2026
कोलू के बैल
दो कोलू के बैल कर रहे थे तकरार,
नाथ डाल कलुआ ने कर दिया हमें लाचार ।
कर दिया हमें लाचार रोज तेल हमसे पिलवाता।
देता न हमें खाने को पेनी से मार लगाता।
हमारी मेहनतकी खाता और हमी को मारे पेनी।
कर भाई कोई उपचार नही ड्यूटी हमको देनी।।
पहला बोला यार बात बढ़िया है तेरी।
हो जाएगा उपचार बात जो माने मेरी ।
बात माने मेरी करके बहाना बिमारी का पड़ जाओ।
छोड़ इस कोलू को भाड़ में कलुआ जाओ।
अगली सुबह जब आया कलुआ बैलो को तिक तिकाया।
पहले जो तय था दोनी ने कर दिखलाया।
एक ने गर्दन टेड़ी की जीभ बाहर निकाली।
दूसरे ने भी उसकी ताल से ताल मिला ली।
देखा जब कलुआ ने बड़ा सकपकाया।हुआ क्या कुछ भी उसकी समझ न आया।
बोला बेटा लल्लू डॉक्टर घसीटा को बुलाओ।
इन दोनों को एक एक मोटा इंजेक्शन लगवाओ।
लल्लू ने जब डॉक्टर को सारा हाल सुनाया।
कलुआ प्रधान के बैल बीमार हुए,
सुना तो दौड़ा चला आया।।
देकर दबाई दोनों को मोटा इंजेक्शन लगाया।
बदले में कलुआ से सौ का नोट पाया।।
उस दिन उन दोनों की हो गयी छुट्टी।
फिर भी खाने को मिली सुखी कुट्टी।
पहला बोला यार ठीक नही ये उपचार।
इंजेक्शन से तो अच्छी थी पेनी की मार।
पेनी की मार कौन इंजेक्शन लगवाये।
अच्छा होगा चल कर दोनों कोलू चलाये।।
दूत्कार
वो ख्वाब क्या जो अधूरा रह गया suno
समझा दिया है जिंदगी ने मुझेsuno
राष्ट्रभाषा हिंदी
मुझको हवाओं में रहने का शौक था
आज दुनिया को मोहम्मद सीखानी होगी suno
हम तुम्हें छोड़कर suno
मतला
मैं तुम्हें छोड़कर इस शहर से जा रहा हूँ,
बस मुस्कुरा के कह दो कि तुम्हें रुला रहा हूँ।
शेर 1
वो मोड़, वो दरिचा, वो गलियाँ तड़प उठेंगी,
मैं साथ अपने यादों का जहाँ ले जा रहा हूँ।
शेर 2
जो बुझ गई थी शम्अ, उसे फिर हवा न देना,
मैं राख के ढेरों में चिराग़ जला रहा हूँ।
शेर 3
मिलेगी न अब तुम्हें मेरी वफ़ा की आहटें भी,
मैं खुद को अपनी हस्ती से ही मिटा रहा हूँ।
शेर 4
तुम्हें बोझ न बना दे कभी मेरा ये तसव्वुर,
मैं यादों के हसीं पिंजरे से तुम्हें छुड़ा रहा हूँ।
शेर 5
सफ़र ये उम्र भर का है, मगर तन्हा कटेगा,
मैं खुद को खुद ही मंज़िल का पता बता रहा हूँ।
मक्ता
उदासियों की धूप में न जलना ऐ 'प्रभात',
मैं अश्क पी के आँखों में घटा सजा रहा हूँ।
मेरे अपने मेरी नजरों से बहुत दूर हुए suno
(मुखड़ा)
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए,
उनकी परछाइयाँ भी छू न सकें, इतने हम मजबूर हुए।
वो सहारा थे मगर, अब सहारा न रहे,
हाय! ये जज़्बात भी अब हमारे न रहे।
सपना उनका देखा था, मगर वो सपने भी चकनाचूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए...
(अंतरा 1)
याद हैं मुझको मेरे आँगन की वो रातें,
सब से मिलकर किया करते थे दिल की बातें।
सब कुछ बदला, बदले हुए से अब दस्तूर हुए,
अपनों के ही शहर में हम जैसे मज़दूर हुए।
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए...
(अंतरा 2)
उजड़ा-उजड़ा सा लगता है अब वो मेरा चमन,
दिल में रह गई है याद बनकर बस एक चुभन।
जगमगाते हुए वो फानूस भी अब बेनूर हुए,
वक़्त के हाथों हम इस कदर चूर-चूर हुए।
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए...
(अंतरा 3)
वक्त की गर्द ने चेहरों को धुंधला कर दिया,
पास रहकर भी दिलों में फासला भर दिया।
जो कभी थे नज़दीक, अब वो कोसों दूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए...
(अंतरा 4)
अब परिंदे भी नहीं आते मेरे उस मुंडेर पर,
एक सन्नाटा सा बिछा है घर के हर उस ज़ेर पर।
रौशनी के सब दीये बुझ कर अब बेनूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए...
(अंतरा 5)
महफिलों में हम भी अब हँस कर मिला करते हैं सबसे,
पर जुदा होने का ग़म हम सह रहे हैं जाने कब से।
ज़ख्म दिल के दिखा न सके, इतने हम मग़रूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए...
(मकता)
लिखते-लिखते थक गई है अब 'प्रभात' की कलम,
पर कम न हुआ आँखों से इन यादों का नम।
किस्मत के लिखे से हम भी आज मजबूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए...
उनकी परछाइयाँ भी छू न सकें, इतने हम मजबूर हुए।
लेखक: प्रभात
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए,
उनकी परछाइयाँ भी छू न सकें, इतने हम मजबूर हुए।
वो सहारा थे मगर, अब सहारा न रहे,
हाय! ये जज़्बात भी अब हमारे न रहे।
सपना उनका देखा था, मगर वो सपने भी चकनाचूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए... (1)
याद हैं मुझको मेरे आँगन की वो रातें,
सब से मिलकर किया करते थे दिल की बातें।
सब कुछ बदला, बदले हुए से अब दस्तूर हुए,
अपनों के ही शहर में हम जैसे मज़दूर हुए।
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए... (2)
उजड़ा-उजड़ा सा लगता है अब वो मेरा चमन,
दिल में रह गई है याद बनकर बस एक चुभन।
जगमगाते हुए वो फानूस भी अब बेनूर हुए,
वक़्त के हाथों हम इस कदर चूर-चूर हुए।
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए... (3)
वक्त की गर्द ने चेहरों को धुंधला कर दिया,
पास रहकर भी दिलों में फासला भर दिया।
जो कभी थे नज़दीक, अब वो कोसों दूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए... (4)
अब परिंदे भी नहीं आते मेरे उस मुंडेर पर,
एक सन्नाटा सा बिछा है घर के हर उस ज़ेर पर।
रौशनी के सब दीये बुझ कर अब बेनूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए... (5)
महफिलों में हम भी अब हँस कर मिला करते हैं सबसे,
पर जुदा होने का ग़म हम सह रहे हैं जाने कब से।
ज़ख्म दिल के दिखा न सके, इतने हम मग़रूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर हुए... (6)
लिखते-लिखते थक गई है अब 'प्रभात' की कलम,
पर कम न हुआ आँखों से इन यादों का नम।
किस्मत के लिखे से हम भी आज मजबूर हुए,
मेरे अपने मेरी नज़रों से बहुत दूर
मेरे सामने कल बनकर आज आया
अब रू-ब-रू हो
मां का आंचल
प्यार अपनों से किया
मेरी शेरावाली मां का द्वार
ज़िन्दगी ने एहसास करा दिया है मुझेौ
दिल दिया उसको उसने दिलदार कहा
नफरतों की आंधियां
Friday, 23 January 2026
अपनी आवाज में रिकॉर्डिंग करनी हेतु prompt
Thursday, 22 January 2026
#IndependentArtist
#HindiMusic2026
#deshbhaktigeet
गजल रिकॉर्डिंग क लिएprompt
Style: Emotional Hindi Ghazal / Spoken Poetry
Mood: Soft, heartfelt farewell
Voice: Warm, sincere, gentle
Emotion: Quiet truth, graceful goodbye
Music: Minimal, soft piano or guitar, light strings
Atmosphere: Late-night, intimate, close mic
Wednesday, 21 January 2026
Tuesday, 20 January 2026
music video Prompt
Style / Tags:
Hindi Devotional, Temple, 90-105BPM, High Energy, Dhol, Nagada, Keherwa Taal, Folk Fusion, Powerful Male Vocals, Crowd Chants.
Prompt / Description:
A high-energy Navratri Durga Bhajan set in a Temple atmosphere at 90-105BPM. Featured instruments are loud Dhol, Nagada, bells, and Harmonium. The song starts with a thunderous drum roll and the chant "Om Durgaye Namah". The vocalist is a powerful Indian male singer with a devotional, aggressive tone. Includes loud group chanting and call-and-response "Jaikara". The mood is celebratory and divine.
Option 2: Powerful Female Vocals (स्त्री आवाज़)
Style / Tags:
Hindi Devotional, Temple, 90-105BPM, Mata Ki Bhent, High Energy, Dhol, Nagada, Bansuri, Powerful Female Vocals, Festive.
Prompt / Description:
A powerful and fast-paced Durga Bhajan set in a Temple atmosphere at 90-105BPM. Strong percussion with Dhol, Nagada, and rhythmic clapping. The song begins with a drum roll and "Om Durgaye Namah". The vocalist is a commanding female singer with a resonant, open-throated voice (Shakti mood). Features a catchy chorus with crowd backing vocals. Ends with a high-energy "Jai Kara" outro.