Thursday, 2 August 2018

सपना

[Spoken Word]
[Verse 1]
कैसे कहू तुझसे पवन
दिल मे मेरे क्या है

मौका है
एक सपना है
मेरा सजना है
मुझे सजना है

आखों में जो निंदिया थी

नही सोई मैं मेने खोई|

[Verse 2]

शीशे से पूछूं, मैं बार-बार,

कब तक करूँगी, उसका इंतज़ार।

कंगन खनके, और बिंदिया चमके,

सांसें रुकी हैं, बस उसके नाम पे।

[Pre-Chorus]

ये दीये की लौ भी, अब तो सताए,

परछाई में भी, वो नज़र आए।

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