[Spoken Word]
[Verse 1]
कैसे कहू तुझसे पवन
दिल मे मेरे क्या है
मौका है
एक सपना है
मेरा सजना है
मुझे सजना है
आखों में जो निंदिया थी
नही सोई मैं मेने खोई|
[Verse 2]
शीशे से पूछूं, मैं बार-बार,
कब तक करूँगी, उसका इंतज़ार।
कंगन खनके, और बिंदिया चमके,
सांसें रुकी हैं, बस उसके नाम पे।
[Pre-Chorus]
ये दीये की लौ भी, अब तो सताए,
परछाई में भी, वो नज़र आए।
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