Friday, 3 July 2026

मस्ती भरा ये समा, दिल जलाने लगा,

मस्ती भरा ये समा, दिल जलाने लगा, तन्हाई सताने लगी, तू याद आने लगा। 
सेज हम सजा के, सपनों की दुनिया बसा के, बैठे थे तेरे सहारे, किस्मत में थी यह जुदाई, याद जब तेरी आई 
दिल मेरा रोने लगा, जाने क्या मुझको होने लगा

बेदर्द इतना सनम, जाने तू क्यों हो गया, 
मुड़कर ना देखा दोबारा, क्योंकि बेवफा हो गया, 
हमने वफा भी निभाई, तूने फिर भी की बेवफाई, याद तुझको ना मेरी आई 
क्यों तू  हमको इतना सताने लगा 

मस्ती भरा ये समा, दिल जलाने लगा, तन्हाई सताने लगी, तू याद आने लगा। 
सेज हम सजा के, सपनों की दुनिया बसा के, बैठे थे तेरे सहारे, किस्मत में थी यह जुदाई, याद जब तेरी आई 
दिल मेरा रोने लगा, जाने क्या मुझको होने लगा

हमको करार ना मिला, तड़पे मगर प्यार ना मिला, आंसू ही सहारा बने, बस तेरा इंतजार मिला 
हमें ना भूलने की जिद्द है, तुझे ना आने की जिद्द है, हमें तुझे पाने की जिद्द है, तुझे रुलाने की जिद्द है
तू हमें हमारा कम, अपनी जिद्द का ज्यादा  लगा 

मस्ती भरा ये समा, दिल जलाने लगा, तन्हाई सताने लगी, तू याद आने लगा। 
सेज हम सजा के, सपनों की दुनिया बसा के, बैठे थे तेरे सहारे, किस्मत में थी यह जुदाई, याद जब तेरी आई 
दिल मेरा रोने लगा, जाने क्या मुझको होने लगा

ओ सनम मान जा, अब तो सूरत दिखा 
प्यार कितना सच्चा है तेरा, आके हमको बता, 
देख अब यह जुदाई, और ना हमसे पाएंगे 
तू अगर ना मिला हम हम कसम से जी ना पाएंगे 
हम तेरे प्यार में रो रहे हैं यह सारा जग हम पर हंसा

मस्ती भरा ये समा, दिल जलाने लगा, तन्हाई सताने लगी, तू याद आने लगा। 
सेज हम सजा के, सपनों की दुनिया बसा के, बैठे थे तेरे सहारे, किस्मत में थी यह जुदाई, याद जब तेरी आई 
दिल मेरा रोने लगा, जाने क्या मुझको होने लगा

बेदर्द इतना सनम, जाने तू क्यों हो गया, 
मुड़कर ना देखा दोबारा, क्योंकि बेवफा हो गया, 
हमने वफा भी निभाई, तूने फिर भी की बेवफाई, याद तुझको ना मेरी आई 
क्यों तू  हमको इतना सताने लगा 

मस्ती भरा ये समा, दिल जलाने लगा, तन्हाई सताने लगी, तू याद आने लगा। 
सेज हम सजा के, सपनों की दुनिया बसा के, बैठे थे तेरे सहारे, किस्मत में थी यह जुदाई, याद जब तेरी आई 
दिल मेरा रोने लगा, जाने क्या मुझको होने लगा

हमको करार ना मिला, तड़पे मगर प्यार ना मिला, आंसू ही सहारा बने, बस तेरा इंतजार मिला 
हमें ना भूलने की जिद्द है, तुझे ना आने की जिद्द है, हमें तुझे पाने की जिद्द है, तुझे रुलाने की जिद्द है
तू हमें हमारा कम, अपनी जिद्द का ज्यादा  लगा 

मस्ती भरा ये समा, दिल जलाने लगा, तन्हाई सताने लगी, तू याद आने लगा। 
सेज हम सजा के, सपनों की दुनिया बसा के, बैठे थे तेरे सहारे, किस्मत में थी यह जुदाई, याद जब तेरी आई 
दिल मेरा रोने लगा, जाने क्या मुझको होने लगा





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