Tuesday, 16 April 2019

ऐ आश्मा नाज न कर

ऐ आश्मा नाज ना कर अपनी बुलन्दियो पे
तेरे उस पार अपनी दुनिया बसा के जाऊगा|

मै नही जानता जमी पे कभी चल भी पाऊगा,
इतना हौसला है मुझमे तुझे झुकाके जाऊगा|

ऐ आश्मा नाज ना कर अपनी बुलन्दियो पे.........

मेरे रास्ते में होगी हंसी सितारो की महफिले,
अपनी दुनिया उनसे भी आगे लेकर जाऊगा|

ऐ आश्मा नाज ना कर अपनी बुलन्दियो पे.........

जागती आखों मे ख्याब सजाके बैठा हुँ,
मै नमाजी नही खुदा को भुलाके जाऊगा|

ऐ आश्मा नाज ना कर अपनी बुलन्दियो पे.........

मेरी रुह का वो मुकाम 'प्रभात' कहा पर होगा

हो सका तो ये हकीकत बताके जाऊगा

ऐ आश्मा नाज ना कर अपनी बुलन्दियो पे.........

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