srishti kavya sangrah
Monday, 14 March 2022
बोली मै आई ।
रंग भर लाई । '
भिगो दे चुनरिया '
तेरी होली ।
'मैं भी बोला है ।
भर पिचकारी ।
भिगो दूं चोली
बोली मै आई । रंग भर लाई । ' भिगो दे चुनरिया ' तेरी होली । 'मैं भी बोला है । भर पिचकारी । भिगो दूं चोली ।जब आई तू । मेरी होली ।
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