Friday, 1 May 2026

रात भर ना सोई सुबह उठी चली आई तेरे दीदार को

रात भर ना सोई सुबह उठी चली आई 
तेरे दीदार को 
भूलना भी चाहूं तो कैसे भुलाऊं 
अपने दिलदार को
ये है तेरे प्यार का नशा
मेरी नजरों में जो चढ़ा है 
तू ही बता कैसे उतरे का यह नशा 

हल्का-हल्का इश्क का शरूर है 
मैं भी बेकसूर हूं दिल भी बेकसूर हैं
तेरे इश्क में है वो मजा 
बस करना तू वफा

ये है तेरे प्यार का नशा
मेरी नजरों में जो चढ़ा है 
तू ही बता कैसे उतरे का यह नशा 

मेरे ही दिल ने मजबूर मुझे है किया
तेरी यादों ने बेकरार मुझे है किया
किसने क्या दिया किसको क्या मिला
इससे हमको कोई भी नहीं अब गिला
टूटे ना मेरे दिलबर ये प्यार का सिलसिला 
बेकरारी में भी इश्क की है एक मजा
 
 ये है तेरे प्यार का नशा
मेरी नजरों में जो चढ़ा है 
तू ही बता कैसे उतरे का यह नशा 

मेरे  सनम मेरी आंखों से दूर जाना नहीं 
यह मत कहना कि दिल मेरा दीवाना नहीं 
सुबह ओ शाम तेरी याद तेरा नाम 
इस दिल में है बसा तू अब बेगाना नहीं 
इस दिल का जाना पहचाना है 
कह दे तू भी मेरा दीवाना है
जीना मत मुझको प्यार में सजा 

ये है तेरे प्यार का नशा
मेरी नजरों में जो चढ़ा है 
तू ही बता कैसे उतरे का यह नशा 

अब कोई दरमियां है नहीं फासला
तेरा दिल मेरे दिल से जब से मिला 
दो दिलों में हो गई है यारी
अब तो है बस सफर की तैयारी 
हमसफर तुझे दिल ने अपना चुन लिया
आज शुरू करें हम एक नया सफर 
बन जा जानेमन तू अब मेरा हमसफ़र 
 तुझ में  है हौसला इतना क्या 

ये है तेरे प्यार का नशा
मेरी नजरों में जो चढ़ा है 
तू ही बता कैसे उतरे का यह नशा 



 

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