Wednesday, 8 July 2026

नशीला है ये मौसम, नशीला है तेरा बदन,

नशीला है ये मौसम, नशीला है तेरा बदन, मुझे ये क्या हो गया, तुझे छूने को, चाहता है मन 
सांसों का बंधन, तेरी सांसों से है, दिल में बसी है, तेरी चाहत सनम 
कैसी है ये तपन, कैसी है  लगन, सावन ने लगाई है कैसी अगन

नशीला है ये मौसम, नशीला है तेरा बदन, मुझे ये क्या हो गया, तुझे छूने को, चाहता है मन 

आजा सनम आजा, कितना तड़पते है हम, दिल को तेरी आरजू, तू ही है दिल की धड़कन 
जान ये कैसे हो गया, दिल तेरी बातों में खो गया, दिल में चाहत बढ़ी, हो गया प्रेम का बंधन

नशीला है ये मौसम, नशीला है तेरा बदन, मुझे ये क्या हो गया, तुझे छूने को, चाहता है मन 

तूने जो हमको छुआ, हम बन जाएंगे धुआं
ऐसा यह क्यों हो गया, तू ही बता दे सनम
आग जो है लगी, इस नशीले मौसम ने लगाई, कसूर हमारा नहीं, आया है यह सावन महक रहा है उपवन 

नशीला है ये मौसम, नशीला है तेरा बदन, मुझे ये क्या हो गया, तुझे छूने को, चाहता है मन 

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