किन महफिलों में खो गए रिश्ते
सबके सीने में दिल है मगर
मिलते नहीं दिल के रिश्ते
झूठी खुशियों में ढूंढते हैं सुकून दिल का
सच्ची खुशियों से दूर हैं सच्चे रिश्ते
आज के दौर में जाने कहां ........(1)
अपनों से गैर भी भले हैं यारों
जो नजरों में सजाते हैं प्यार के रिश्ते
आज के दौर में जाने कहां ..........(2)
दौलत की तराजू में तोले जाते हैं रिश्ते
फुर्सत कहां किसी को सजा प्यार से रिश्ते
आज के दौर में जाने कहां ............(3)
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