[Chorus]
रुकता नहीं जिंदगी का कांरवा किसी एक मुकाम पर
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
[Verse 1]
रुकने का नाम मौत है चलने का जिंदगी
परवाह नहीं है कहां राह में अंधेरा होगा
रुकने का नाम मौत है चलने का जिंदगी
परवाह नहीं है कहां राह में अंधेरा होगा
[Chorus]
रुकता नहीं जिंदगी का कांरवा किसी एक मुकाम पर
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
[Verse 2]
अब खुशियों से मेरा कोई वास्ता नहीं
बस हर किसी का गम मेरा अपना होगा
अब खुशियों से मेरा कोई वास्ता नहीं
बस हर किसी का गम मेरा अपना होगा
[Chorus]
रुकता नहीं जिंदगी का कांरवा किसी एक मुकाम पर
[Verse 3]
उदासियों से भरे चेहरे पर गर ला सकूं मुस्कान
इस जहां में सबसे खूबसूरत नसीब मेरा होगा
उदासियों से भरे चेहरे पर गर ला सकूं मुस्कान
इस जहां में सबसे खूबसूरत नसीब मेरा होगा
[Bridge]
रुकता नहीं जिंदगी का कांरवा किसी एक मुकाम पर
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
[Verse 4]
शमा की बुझती हुई लौ बता रही है प्रभात मुझे
सिया अंधेरों में हौसलों से भरा उजाला होगा
शमा की बुझती हुई लौ बता रही है प्रभात मुझे
सिया अंधेरों में हौसलों से भरा उजाला होगा
[Outro]
रुकता नहीं जिंदगी का कांरवा किसी एक मुकाम पर
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
अब किसी और शहर में बसेरा होगा
(Fade out)
रुकता कब जिंदगी का काफिला किसी एक मुकाम पर,
अब किसी और शहर में बसेरा होगा।
रुकने का नाम मौत है चलने का जिंदगी,
परवाह नहीं है कहां राह में अंधेरा होगा।
रुकता कब जिंदगी का काफिला किसी एक मुकाम पर,
अब किसी और शहर में बसेरा होगा।
अब खुशियों से मेरा कोई वास्ता नहीं,
बस हर किसी का गम मेरा अपना होगा।
रुकता कब जिंदगी का काफिला किसी एक मुकाम पर,
अब किसी और शहर में बसेरा होगा।
उदासियों से भरे चेहरे पर गर ला सकूं मुस्कान,
इस जहां में सबसे खूबसूरत नसीब मेरा होगा।
रुकता कब जिंदगी का काफिला किसी एक मुकाम पर,
अब किसी और शहर में बसेरा होगा।
शमा की बुझती हुई लो बता रही है 'प्रभात'मुझे।
सिया अंधेरों में हौसलों सेक्षभरा उजाला होगा।।
रुकता कब जिंदगी का काफिला किसी एक मुकाम पर,,.......
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