जोशीला योवन नशीली आंखें
फिर तू दूर मुझसे क्यों है खड़ा
आजा मेरे राजा पास आजा जरा
नशीली आंखों से आंख मिला
मेरे इस नशीले यौवन में
रस प्यार का है भरा
दूर तू क्यों है खड़ा
तन बदन में इतनी तपन है
लोहा भी पिघलजाए
छूकर देख ले मुझको जानेमन
मेरी सांसों की गर्मी से
कहीं तू ही ना पिघल जाए
मुझको सताता है कैसा तू मर्द है
क्यों इतना तड़पाता है तू तो बड़ा बेदर्द है
जोशीला योवन नशीली आंखें
फिर तू दूर मुझसे क्यों है खड़ा
आजा मेरे राजा पास आजा जरा
नशीली आंखों से आंख मिला
मेरे इस नशीले यौवन में
रस प्यार का है भरा
दूर तू क्यों है खड़ा
मेरी तडप तूने ना देखी कितना तड़पती हूं मैं
दूर तू रहता है मुझसे, ठंडी आहे भरती हूं मैं
मेरे सनम मैं तुझ पर दिलों जा मरती हूं
तेरे नाम के साथ रुक जाए मेरी सांसे
जोशीला योवन नशीली आंखें
फिर तू दूर मुझसे क्यों है खड़ा
आजा मेरे राजा पास आजा जरा
नशीली आंखों से आंख मिला
मेरे इस नशीले यौवन में
रस प्यार का है भरा
दूर तू क्यों है खड़ा
मेरी चाहते मेरी बेताबिया हद से बढ़ने लगी
मैं अपनी अब हर घड़ी धड़कने गिनने लगी
सांसों का आना जाना हंसना रोना गाना
लगता सफर फजूल है
तू ही बता मैंने तुझको चाहा क्या यही मेरा कसूर है
किस कदर दिल मेरा तड़पता है
तू जानना चाहे तो दिल में झांके
जोशीला योवन नशीली आंखें
फिर तू दूर मुझसे क्यों है खड़ा
आजा मेरे राजा पास आजा जरा
नशीली आंखों से आंख मिला
मेरे इस नशीले यौवन में
रस प्यार का है भरा
दूर तू क्यों है खड़ा
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