Wednesday, 6 May 2026

कुछ तो बात है मेरी चाहत, मेरी याद में*****

कुछ तो बात है  मेरी चाहत, मेरी याद में,
मेरा जलवा जो छा जाता है नशा बनके आधी रात में।
कौन नहीं है  दीवाना मेरा 
जितने यहां पर आए हैं 
सभी  तो देखना चाहते हैं मुझको 
दिल में आरजू बसा के लाए हैं
चाहतों का काफिला है उनके साथ में 

कुछ तो बात है  मेरी चाहत, मेरी याद में,
मेरा जलवा जो छा जाता है नशा बनके आधी रात में।


इन दीवानों में कौन नहीं है मेरा असली दीवाना 
अब तक मैंने, उसे नहीं जाना, मेरे लिए है वो, अब तक अंजाना
यहां सभी मेरे आशिक पुराने है, मेरी चाहत के दीवाने है, मेरे  जाने पहचाने है 
 मैंने ढूंढी खुशी उनके वहके जज्बात में

कुछ तो बात है, मेरी चाहत, मेरी याद में,
मेरा जलवा जो छा जाता है, नशा बनके, आधी रात। 

रातो की मस्त खामोशी में नींद उड़ना मुझको आता है 
सपनों की गोद से उठाना, मुझको आता है 
मैं गाऊं महफिल गाऐ,  सुर ताल, सब मेरे संग आए,
तू भी मेरे संग संग नाचना चाहे, पकड़ना चाहे मेरी बाहे,
रोज होती हूं मैं, एक नए अंदाज में

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