Tuesday, 5 May 2026

आज की रात सपनों की रात ह*****

आज की रात सपनों की रात है 
प्यार की बरसात है जितना भीगना चाहे तेरा दिल 
भीग ले तू सनम
हम बेवफाई ना करेंगे 
हम कोई ना भी ना करेंगे 
सोच ले कि  प्यार की बारात है 
दूल्हा बन जा सनम

तू भी बेगाना नहीं हम भी बेगानी नहीं 
दोनों है जाने पहचाने कोई अनजाना नहीं 
मस्ती उधर छाई है मस्ती  इधर भी छाई है 
तेरे लिए ही हमने जानम ये महफिल सजाई है 
तेरी चाहत पूरी करेंगे 
आज हम कोई ना भी ना करेंगे 

प्यार की बरसात है जितना भीगना चाहे तेरा दिल 
भीग ले तू सनम
हम बेवफाई ना करेंगे 
हम कोई ना भी ना करेंगे 

तू अगर कह दे तो लिख दे हम
 जान भी तेरे नाम
महफिल की यह शाम क्यों, हाथों में ये क्यों
हर शाम महफिल है तेरी इन निगाहों की जां भी है तेरे 
जी भर के तू पी ले सनम 
हम कोई ना भी ना करेंगे 

आज की रात सपनों की रात है 
प्यार की बरसात है जितना भीगना चाहे तेरा दिल 
भीग ले तू सनम
हम बेवफाई ना करेंगे 

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