Friday, 8 May 2026

बन ठन के जब निकलूं सड़क पर

 बन ठन के जब निकलूं सड़क पर 
हाय हल्ला हो जाए 
हर कोई बन जाए दीवाना मेरा 
आवारा निठल्ला हो जाए 

इधर भी उधर भी देखो मैं जिधर भी 
मेरे ही चर्चे मेरेही जलवे हर तरफ  दिखते हैं 
मेरी चाहत में मेरेआशिक 
दिन रात तड़पते हैं 
रोज बनते हैं लाखों दीवाने 
देखे मुझे जब होश गवाएं 


बन ठन के जब निकलूं सड़क पर 
हाय हल्ला हो जाए 
हर कोई बन जाए दीवाना मेरा 
आवारा निठल्ला हो जाए 

लफ्जों में बया ना होगी 
 मेरा हुस्न मेरी अदा 
मेरी अदाएं भोली भाली 
बस आशिकों की है  खता
सब पाना चाहिए मुझे 
किस-किस से करूं मैं वफा 
सबके लिए हैं मेरी बाहे

बन ठन के जब निकलूं सड़क पर 
हाय हल्ला हो जाए 
हर कोई बन जाए दीवाना मेरा 
आवारा निठल्ला हो जाए 

जलजलों ने मुश्किल किया है 
जीना और मरना मेरा 
रोज मिलते हैं सड़कों पर मुझको 
रोकते हैं रास्ता मेरा 
दिलजले भी बैठे हैं ऐसे 
मुझ पर नजरे जमाए

बन ठन के जब निकलूं सड़क पर 
हाय हल्ला हो जाए 
हर कोई बन जाए दीवाना मेरा 
आवारा निठल्ला हो जाए 

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