चाह हंसने की थी रुला दिया है मझे।।
कभी गम भी हमारा अपना सा लगेगा हमें।
हमारे दिल का पता किसने बता दिया है उसे।।
महफिले होगी फिर भी हमें तन्हा रहना है।
एक शमा की मानिंद जला दिया है हमे।।
जबअपने भी वैगाने से लगने लगते हैं।
ऐसे एक नये मोड़ पर ला दिया है हमें।।
चलो शिकवा शिकायत हम नहीं करते।
कैसी वेबसी है एहसास कर दिया है हमें।।
जख्म नासूर बने तो बने दिल के।
तुमने कुरेदना उन्हे सिखा दिया है हमें।।
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