Saturday, 24 January 2026

वो ख्वाब क्या जो अधूरा रह गया suno

वो ख्वाब था जो अधूरा रह गया
फिर क्यों शिकायत मैं करूं। 
जब अंधेरों में ही रहना है 
तमन्ना उजालो की क्यों कर करूं।

जो संग नहीं वो हमसफ़र क्या 
उसे संग फिर में क्यो करू।।
तन्हा ही था तन्हा ही हूं
इन तन्हाइयों से मैं क्यों डरूं।।

तकदीर पर ऐतबार है 
शमसीर से डरता नहीं।
फिर बन कर यूं तस्वीर मैं
किसी फ्रेम में क्योंकर रहूं।।

संग कोई आता नहीं 
वो जर हो या फिर यार हो।
जिंदगी गुलजार रहे 
हौसला फिर क्यों न करूं।।

आंख मिचोली खेलता हूं 
जिस वक्त के साथ मैं।
वह वक्त जब मुझसे खफा है 
मैं इस वक्त से क्यों डरूं।।

मयकसी इक खुदकुशी हैं
मयखाने में मैं आ गया।
जाम शाकी ने दे दिया है 
इनकार मैं क्योंकर करू।।

उम्मीद यही  और यही है आरजू 
दिल के वया जज्बात हो
वो सामने बैठ रहे 
दिल की बात उससे करूं।।




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