nstrumental Intro]
[Aggressive Harmonium Battle]
[Singer 1 - Challenge]
ख्वाब आँखों में चुभें, और नींद रुठ जाए तो क्या...
जिंदगी की भीड़ में, अपना कोई छूट जाए तो क्या!
[Singer 2 - Reply]
अरे सुनिए! जवाब सुनिए!
यहाँ हर शख्स अपने खयालों का कैदी है,
हकीकत से अगर रिश्ता टूट जाए तो क्या!
[Fast Percussion Break]
[Loud Clapping Start]
[Chorus - Both Together]
हमें ज़िन्दगी से...
हमें ज़िन्दगी से!
हमें ज़िन्दगी से थी कब ये मोहब्बत
हमें ज़िन्दगी से थी कब ये मोहब्बत
पड़ी थी खयालों में रहने की आदत
पड़ी थी खयालों में रहने की आदत
[Verse 1 - Singer 1]
बहुत हो चुका, अब है क्या कुछ भी बाकी
न मयख़ाना अपना, न कोई है साकी!
[Verse 1 - Singer 2 - Counter]
अरे क्या बात करते हैं आप!
ज़माने से कर ली है हमने अदावत
ज़माने से कर ली है हमने अदावत!
[Chorus - Both]
हमें ज़िन्दगी से थी कब ये मोहब्बत
पड़ी थी खयालों में रहने की आदत
[Verse 2 - Singer 1]
वो शाम-ए-सफर भी तो थी क्या सुहानी
बड़ी ही हसीं थी वो अपनी कहानी...
[Verse 2 - Singer 2 - Mocking]
मगर अब 'सियाह' रात की है ये आफत
अरे, अब 'सियाह' रात की है ये आफत!
[Bridge - Muqabla Round - Very Fast]
[Singer 1] किसे क्या मिला?
[Singer 2] अरे क्या खोया हमने!
[Singer 1] मोहब्बत का सपना...
[Singer 2] संजोया है हमने!
[Both] उसी ख्वाब में बस है रहने की चाहत!
[Verse 3 - Singer 1]
न पूछो कि क्या आखिरी है ये ख्वाहिश
यहाँ मौत तक बस रही है पैमाइश!
[Singer 2]
बची अब न कोई भी दिल में सियासत
बची अब न कोई भी दिल में सियासत!
[Outro - High Energy Climax]
[Singer 1] ज़रा गौर फरमाएं... 'प्रभात'!
[Singer 2] अरे 'प्रभात' अब खयालों में ही तुम रहो बस!
[Singer 1] क्यों?
[Singer 2] क्योंकि...
[Both] रुलाती है सबको यहाँ की हकीकत!
[Both] यहाँ की हकीकत! हकीकत! हकीकत!
[Ending]
[Fast Tabla Roll]
पड़ी थी खयालों में रहने की आदत!
[Loud Final Clap]
[End]
1. Music Style Prompt (Style बॉक्स में पेस्ट करें)
Qawwali Muqabla, Male Duet, Jugalbandi, High Energy, Aggressive Harmonium, Fast Tabla, Rhythmic Hand Claps, Challenging Vocals, Call and Response, Indian Sufi Style
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