तभी ये दुनिया आदमी की दीवानी होगी।।
इंसानियत पर नफरतों का दौर हावी है।
जिंदगी कितनी कीमती है बतानी होगी।।
खुद को जहां का खुदा जो समझते हैं।
उन्हे उनकी औकात समझानी होगी।।
दुनिया को मिटाने की जिनकी हसरत है। कितनी हसीन है दुनिया दिखानी होगी।।
जो रसमों और रिवाजो में बंधे है अब भी।
उन्हें इस दौर में इंसानियत सीखनी होगी
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