Monday, 26 January 2026

नजरे हमने झुकाई उसने प्यार कहा

दिल दिया उसको उसने दिलदार कहा,
नजरे हमने जो झुकाई उसने प्यार कहा।

 होकर भी वो सपनों में रहा,
खामोशी ने उसकी ने मुझे लाचार  किया।

उसका एहसास, हंसी,और ख्वाब उसके
उसकी हर अदा से हमें प्यार हुआ

मेरी सांसों में बसाया उसने घर अपना 
मैंने भी ख़ामोश रहकर इजहार किया।

उसकी चाहत में भूल गयी/गया 'प्रभात' मैं खुद को, 
इतना मेरे सनम ने मुझे बेकरार किया।

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