Saturday, 24 January 2026

राष्ट्रभाषा हिंदी

[Spoken Word]
[Verse 1]
तुम इस जननी के बेटे हो,
भारत मां को पहचानोगे ।
हो कोई प्रान्त और कोई भाषा, 
हिंदी को अपना मानोगे।
सभी भाषाओं की जननी है,
संस्कृत पर अभिमान करो।
अपनी भाषा तुम बोलो। 
राष्ट्र भाषा का सम्मान करो।।
[Verse 2]
अस्तित्व बिना राष्ट्रभाषा के,
कोई राष्ट्र कहां कहलाता है।।
हो बंगाली,मराठी या गुजराती 
गांधी बापू बन जाता है।। 
तुम इस जननी के बेटे हो।
भारत मां को पहचानोगे ।।
हो कोई प्रान्त और कोई भाषा, 
हिंदी को अपना मानोगे
[Verse 3]
सभी भाषाओं की जननी है।
संस्कृत पर अभिमान करो।।
अपनी भाषा तुम बोलो। 
राष्ट्र भाषा का सम्मान करो।।
अस्तित्व बिना राष्ट्रभाषा के,
कोई राष्ट्र कहां कहलाता है।
हो बंगाली,मराठी या गुजराती 
 बापू गांधी बन जाता है।। 
[Verse 4]
नेहरू,आजाद,भगत,तिलक टगोर
सब भारत मां के बेटे हैं।
मैं बंगाली तू मराठी 
सब खुद को लेकर ऐठे हैं।
अपनी बोली पर है गर्व तुम्हें ,
जो ना बोले तुम्हारी बोली।
तुमने उसको उजाड़ दिया, 
 दुकान एक नफरत की खोली।
[Verse 5]
मैं भी भारत मां का बेटा हूं,
तुमको एहसास करा दूंगा। 
बापू गांधी का शिष्य मैं
अहिंसा का पाठ पढ़ा दूगा
पर‌ मान नहीं गिरने दूंगा,
राष्ट्र और राष्ट्रभाषा का। 
परिणाम तूम खुद ही देखोगे,
अपनी अतृप्त अभिलाषा का।
[Verse 6]
[Chorus]
(Emotional and High Pitch)
तुम इस जननी के बेटे हो,
भारत मां को पहचानोगे ।
हो कोई प्रान्त और कोई भाषा, 
हिंदी को अपना मानोगे।
सभी भाषाओं की जननी है,
संस्कृत पर अभिमान करो।
अपनी भाषा तुम बोलो। 
राष्ट्र भाषा का सम्मान करो।।
[Outro]
अभिमान भारत माॅं पर करते है।
हिंदी का सम्मान तुम्हें भी, 
करना हम सीख ला देंगे।
हिंदी और हिंदुस्तान हमारा,
विकसित भारत का होगा नारा।



[Spoken Word]
[Verse 1]
शासन की अभिलाषा तुझको,
तुम कैद में होगे सलाखों की।
यह अभिलाषा मात्र नहीं मेरी,
है भारत माता के लाखों बेटों की।
भारत मां के सब बेटे हैं।
राज,उद्धव या राहुल, मोदी
अपनी बोली पर अभिमान है किया
गरिमा राष्ट्र की क्यों खो दी 

[Verse 2]
सभी भाषाओं की जननी तुम इस जननी के बेटे हो,
भारत मां को पहचानोगे ।
हो कोई प्रान्त और कोई भाषा, 
हिंदी को अपना मानोगे।
सभी भाषाओं की जननी है।
संस्कृत पर अभिमान करो,
अपनी भाषा तुम बोलो। 
राष्ट्र भाषा का सम्मान करो।
[Verse 3]
अस्तित्व बिना राष्ट्रभाषा के,
कोई राष्ट्र कहां कहलाता है।
हो बंगाली,मराठी या गुजराती
गांधी बापू बन जाता है।।
सब खुद को लेकर ऐठे हैं।
पर‌ मान नहीं गिरने दूंगा,
राष्ट्र और राष्ट्रभाषा का। 
परिणाम तूम खुद ही देखोगे,
अपनी अतृप्त अभिलाषा का।
[Verse 4]
पर‌ मान नहीं गिरने दूंगा,
राष्ट्र और राष्ट्रभाषा का। 
परिणाम तूम खुद ही देखोगे,
अपनी अतृप्त अभिलाषा का।
शासन की अभिलाषा तुझको 
तू कैद में होगा सलाखों की।।
यह अभिलाषा मात्र नहीं मेरी।
 है भारत के लाखों बेटो की।।
[Verse 5]
तुम इस जननी के बेटे हो।
भारत मां को पहचानोगे ।।
हो कोई प्रान्त और कोई भाषा, 
हिंदी को अपना मानोगे।।
सभी भाषाओं की जननी है।
संस्कृत पर अभिमान करो।।
अपनी भाषा तुम बोलो। 
राष्ट्र भाषा का सम्मान करो।।
[
[Verse  7]
शासन की अभिलाषा तुझको,
तू कैद में होगा सलाखों की।
यह अभिलाषा मात्र नहीं मेरी,
 है भारत के बेटो लाखों की।
[Verse 8]
यह भूल तुम्हारी अनजानी,
फिर तुमको ही धिक्कारेगी।
जब जागेगा तुम्हारा आत्म स्वाभिमान, 
अभिलाषा तुम्हारी तुम्हे घोंठ घोंठ कर मारेगी।
पर‌ मान नहीं गिरने दूंगा,
राष्ट्र और राष्ट्रभाषा का। 
परिणाम तूम खुद ही देखोगे,
अपनी अतृप्त अभिलाषा का।
[Spoken Word]
[Verse 9]
सचेत तुम्हें हम करते हैं,
ना तुमसे हम डरते हैं।। 
हम भारत मां के लाल हैं,
अभिमान भारत माॅं पर करते है।
हिंदी का सम्मान तुम्हें भी, 
करना हम सीख ला देंगे।
हिंदी और हिंदुस्तान हमारा,
विकसित भारत का होगा नारा।

तुम इस जननी के बेटे हो,
भारत मां को पहचानोगे ।
हो कोई प्रान्त और कोई भाषा, 
हिंदी को अपना मानोगे।
सभी भाषाओं की जननी है,
संस्कृत पर अभिमान करो।
अपनी भाषा तुम बोलो। 
राष्ट्र भाषा का सम्मान करो।।
[Chorus]
(Emotional and High Pitch)
अभिमान भारत माॅं पर करते है।
हिंदी का सम्मान तुम्हें भी, 
करना हम सीख ला देंगे।
[Outro]
सभी भाषाओं की जननी है,
संस्कृत पर अभिमान करो।
अपनी भाषा तुम बोलो। 
राष्ट्र भाषा का सम्मान करो।।
हिंदी और हिंदुस्तान हमारा,
विकसित भारत का होगा नारा।


 



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