मेरी तन्हाइयों को यादे तेरी, गुनगुनाने भी नहीं देती
बड़ी कातिल है यह तेरी यादें,
मुस्कुराने भी नहीं देती है तेरी यादें
ये बड़ी भोली तेरी सूरत , बार-बार सपने बनकर आती है,
मेरी नजरों में तेरी, भोली सूरत
इक सपना बन के आती है
मुझको मेरी खामोशी में तेरी सूरत,
दीवाना बना जाती है।
(Verse / Antara)
मेरे सनम ये इल्तजा है मेरी बेबुनियाद इल्जाम न लगा,
बा-वफ़ा हैं हम, तेरी कसम हमें बार-बार न आज़मा।
वफा का नाम दिलो दिमाग पर लिख चुके हैं हम
यूँ इम्तिहान लेकर बार-बार बढ़ाओ ना हमारे गम।
(Chorus / Mukhda)
हम बा-वफ़ा हैं ... हम..... बा-वफ़ा हैं ,
कसम तुमको है हमारी अब और न आज़माओ हमें।
बा-वफ़ा हैं हम, तेरी कसम हमें बार-बार न आज़मा।
(Outro)
मेरी तन्हाईयो को यादे तेरी,खामोश नही रहने देती,
तुझे कहना तो बहुत जाता है यह दिल तनहाइयां कुछ कहने नहीं देती
(Fading music with a soft flute solo)
Soulful Ghazal, Male expressive vocals, Melancholic mood, Slow tempo, Indian Classical fusion, Harmonium, Sarangi, Light Tabla.
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