Friday, 30 January 2026

बड़ी कातिल है तेरी यादें

(Chorus / Mukhda)

मेरी तन्हाइयों को यादे तेरी, गुनगुनाने भी नहीं देती

बड़ी कातिल है यह तेरी यादें,

 मुस्कुराने भी नहीं देती है तेरी यादें

ये बड़ी भोली तेरी सूरत , बार-बार सपने बनकर आती है,

मेरी नजरों में तेरी, भोली सूरत 

इक सपना बन के आती है

मुझको मेरी खामोशी में तेरी सूरत,

दीवाना बना जाती है।

(Verse / Antara)

 मेरे सनम ये इल्तजा है मेरी बेबुनियाद इल्जाम न लगा,

बा-वफ़ा हैं हम, तेरी कसम हमें बार-बार न आज़मा।

वफा का नाम दिलो दिमाग पर लिख चुके हैं हम

यूँ इम्तिहान लेकर बार-बार बढ़ाओ ना हमारे गम।

(Chorus / Mukhda)

 हम बा-वफ़ा हैं ... हम..... बा-वफ़ा हैं ,

कसम तुमको है हमारी अब और न आज़माओ हमें।

बा-वफ़ा हैं हम, तेरी कसम हमें बार-बार न आज़मा।

(Outro)

मेरी तन्हाईयो को यादे तेरी,खामोश नही रहने देती,

तुझे कहना तो बहुत जाता है यह दिल तनहाइयां कुछ कहने नहीं देती 

(Fading music with a soft flute solo)




Soulful Ghazal, Male expressive vocals, Melancholic mood, Slow tempo, Indian Classical fusion, Harmonium, Sarangi, Light Tabla.







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