कम नहीं होती है ख्वाहिशे
हर पल बढ़ती जाती है
बन जाते हैं बंन्दिशे
हर पल उलझन बढ़ाती है
काश दिल ना होता
जिंदगी बे पहरा होती
हंसती ही रहती
भूल से भी ना कभी रोती
दिल जब धड़कता है
एहसास होता है
गम है या खुशी है
जब कोई पास होता है
दिल में एहसास जगते हैं
जब कोई दिल से दूर होता है
तब धड़कने रुलाती है
कम नहीं होती है ख्वाहिशे
हर पल बढ़ती जाती है
बन जाते हैं बंन्दिशे
हर पल उलझन बढ़ाती है
जिंदगी तो सफर है जिसमे सब कुछ चलना होता है
जाने वह कौन सी घड़ी हो
जब ये सफर खत्म होता है
मिलती है कभी-कभी बहारे
फूलों में हम रहते हैं
सामना जब की खिजाओ से होता है
तब किस्मत रूठ जाती है
कम नहीं होती है ख्वाहिशे
हर पल बढ़ती जाती है
बन जाते हैं बंन्दिशे
हर पल उलझन बढ़ाती है
सबके नसीब में नहीं होता
जिंदगी की मंजिल पा जाना
कुछ तो सफर में ही रह जाते हैं
नहीं समझ आता कहां है जाना
उनकी जिंदगी यूंही दरिया सी बहती जाती है
कम नहीं होती है ख्वाहिशे
हर पल बढ़ती जाती है
बन जाते हैं बंन्दिशे
हर पल उलझन बढ़ाती है
No comments:
Post a Comment