Wednesday, 3 June 2026

कम नहीं होती है ख्वाहिशे

कम नहीं होती है ख्वाहिशे 
हर पल बढ़ती जाती है 
बन जाते हैं बंन्दिशे
हर पल उलझन बढ़ाती है 

काश दिल ना होता 
जिंदगी बे पहरा होती
हंसती ही रहती 
भूल से भी ना कभी रोती
दिल जब धड़कता है 
एहसास होता है 
गम है या खुशी है 
जब कोई पास होता है 
दिल में एहसास जगते हैं 
जब कोई दिल से दूर होता है 
तब धड़कने रुलाती है 

कम नहीं होती है ख्वाहिशे 
हर पल बढ़ती जाती है 
बन जाते हैं बंन्दिशे
हर पल उलझन बढ़ाती है 

जिंदगी तो सफर है जिसमे सब कुछ चलना होता है 
जाने वह कौन सी घड़ी हो 
जब ये सफर खत्म होता है 
मिलती है कभी-कभी बहारे 
फूलों में हम रहते हैं 
सामना जब की खिजाओ से होता है 
तब किस्मत रूठ जाती है 

कम नहीं होती है ख्वाहिशे 
हर पल बढ़ती जाती है 
बन जाते हैं बंन्दिशे
हर पल उलझन बढ़ाती है 


सबके नसीब में नहीं होता
जिंदगी की मंजिल पा जाना 
कुछ तो सफर में ही रह जाते हैं 
नहीं समझ आता कहां है जाना
उनकी जिंदगी यूंही दरिया सी बहती जाती है

कम नहीं होती है ख्वाहिशे 
हर पल बढ़ती जाती है 
बन जाते हैं बंन्दिशे
हर पल उलझन बढ़ाती है 



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