Monday, 22 June 2026

साथिया दिल में प्यार का मीठा मीठा दर्द जगा है

साथिया दिल में प्यार का मीठा मीठा दर्द जगा है 
जिसका अपना एक मजा है 
पहला प्यार उस पर इंतजार दिल बेकरार उल्फत में सजा है 
जिसका अपना एक मजा है 


और कब तक, इस दिल की, 
पूरी नहीं होगी,एक आरजू 
कब तक हम, सपनों के सहारे 
देखते रहे, गगन के तारे, ये बिखरे नजारे, तू आजा रे, 
तेरे सताने की भी, एक अनोखी अदा है,
जिसका अपना मजा है 

साथिया दिल में प्यार का मीठा मीठा दर्द जगा है 
जिसका अपना एक मजा है 
पहला प्यार उस पर इंतजार दिल बेकरार उल्फत में सजा है 
जिसका अपना एक मजा है 

तूने बेकरारी दी है, अपनी यादें दी है, और दी है मुझको, अपनी मोहब्बत का नशा, जो बोलता है सिर चढ़कर, कुछ बढ़चढ़ के कहता है, अपना तुझको सनम,  
हद से भी ज्यादा बढ़ गया, ये तो सिर पे चढ गया, ये मोहब्बत का नशा है 
जिसका अपना एक मजा है

साथिया दिल में प्यार का मीठा मीठा दर्द जगा है 
जिसका अपना एक मजा है 
पहला प्यार उस पर इंतजार दिल बेकरार उल्फत में सजा है 
जिसका अपना एक मजा है

No comments:

Post a Comment