बाली उमरिया में दिल की बीमारी,
दिल तुझे दे दिया मति गई थी मारी।
आता जाता कुछ नहीं तुझे, तू है अनाड़ी,
लगता है यूँ ही कट जाएगी उम्र सारी।
तेरी बातों में आके मैं हारी,
बन बैठी तेरे प्यार की पुजारी।
तू समझे ना दिल की मेरी लाचारी,
कैसे निभेगी ये प्रीत हमारी।
दिन भी तेरा, रात भी तेरी,
सांसों में बसी है सूरत प्यारी।
एक नजर प्यार से देख ले सजना,
मिट जाएगी दिल की बेकरारी।
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