Wednesday, 10 June 2026

आशिक पागल होते हैं ये इश्क़ भला क्यों करते हैं

आशिक पागल होते हैं 
ये इश्क़ बला क्यों करते हैं 
यह इश्क भला है समझे नहीं 
बस चुपके चुपके रोते हैं 
आशिक पागल होते हैं 

नींद खुली बस एक तमन्ना 
आशिक के दिल में होती है
बस सामने हो महबूब उसका 
वह यूं ही भटकते रहते हैं 
महबूब जिन्हें समझा था
वह गैरों की बाहों में थे
इतने बेवफा क्यों होते हैं

आशिक पागल होते हैं 
ये इश्क़ भला क्यों करते हैं 
यह इश्क बला है समझे नहीं 
बस चुपके चुपके रोते हैं 
आशिक पागल होते हैं 

महबूब तो बस सपने में इनसे मोहब्बत करता है 
आंख खुली सपना टूटा 
हकीकत से हुआ जब हुआ सामना 
देखा तो था दिल टूटा 
क्यों सुख चैन अपना होते हैं 

आशिक पागल होते हैं 
ये इश्क़ भला क्यों करते हैं 
यह इश्क बला है समझे नहीं 
बस चुपके चुपके रोते हैं 
आशिक पागल होते हैं 

आज मोहब्बत एक सौदा है 
मिल जाएंगे मोहब्बत के सौदागर 
जिन्हें नहीं चाहिए चाहत किसी की 
मिल जाए बस बदले में दौलत 
यह खेल बन गई है मोहब्बत 
सब मोहब्बत के खिलाड़ी होते हैं 

आशिक पागल होते हैं 
ये इश्क़ भला क्यों करते हैं 
यह इश्क बला है समझे नहीं 
बस चुपके चुपके रोते हैं 
आशिक पागल होते हैं 





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