आशिक पागल होते हैं
ये इश्क़ बला क्यों करते हैं
यह इश्क भला है समझे नहीं
बस चुपके चुपके रोते हैं
आशिक पागल होते हैं
नींद खुली बस एक तमन्ना
आशिक के दिल में होती है
बस सामने हो महबूब उसका
वह यूं ही भटकते रहते हैं
महबूब जिन्हें समझा था
वह गैरों की बाहों में थे
इतने बेवफा क्यों होते हैं
आशिक पागल होते हैं
ये इश्क़ भला क्यों करते हैं
यह इश्क बला है समझे नहीं
बस चुपके चुपके रोते हैं
आशिक पागल होते हैं
महबूब तो बस सपने में इनसे मोहब्बत करता है
आंख खुली सपना टूटा
हकीकत से हुआ जब हुआ सामना
देखा तो था दिल टूटा
क्यों सुख चैन अपना होते हैं
आशिक पागल होते हैं
ये इश्क़ भला क्यों करते हैं
यह इश्क बला है समझे नहीं
बस चुपके चुपके रोते हैं
आशिक पागल होते हैं
आज मोहब्बत एक सौदा है
मिल जाएंगे मोहब्बत के सौदागर
जिन्हें नहीं चाहिए चाहत किसी की
मिल जाए बस बदले में दौलत
यह खेल बन गई है मोहब्बत
सब मोहब्बत के खिलाड़ी होते हैं
आशिक पागल होते हैं
ये इश्क़ भला क्यों करते हैं
यह इश्क बला है समझे नहीं
बस चुपके चुपके रोते हैं
आशिक पागल होते हैं
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