Friday, 5 June 2026

यह महफ़िल है इश्क़ की,मैं शमा हूँ हुस्न की।

यह महफ़िल है  इश्क़ की,
मैं शमा हूँ हुस्न की।
यह शमा जलती रहेगी,
कौन है जो इसको बुझा सके?
तू भी आया है यहाँ,
बनके परवाना...
मेरे हुस्न की शमा बुझाने
कोशिश करके देख ले!


क्यों हसरत है तुझे
बेवजह जल जाने की
क्यों आरजू है तुझे
मेरे हुस्न की शमा बुझाने की
तू पागल है या दीवाना है
तुझे क्या मैं कहूं
तू मुझे पा ले तू समझ ले
मैं तुझे जिंदा कहूं
अपनी आरजू पूरी कर ले
कोशिश करके देख ले


यह महफ़िल है  इश्क़ की,

मैं शमा हूँ हुस्न की।

यह शमा जलती रहेगी,
कौन है जो इसको बुझा सके?
तू भी आया है यहाँ,
बनके परवाना...
मेरे हुस्न की शमा बुझाने
कोशिश करके देख ले!

तेरी हर तमन्ना पूरी होगी यहां
ओ परवाने जलने की जिद तू छोड़ दे 
तू आशिक है इश्क कर 
मुझे आजमाने की जिद छोड़ दे 
लोग मुझको कहेंगे कातिल 
कत्ल होने की जिद छोड़ दे 
इश्क की आग बुझाने तू आया है 
कोशिश करके देख ले

यह महफ़िल है  इश्क़ की,
मैं शमा हूँ हुस्न की।
यह शमा जलती रहेगी,
कौन है जो इसको बुझा सके?
तू भी आया है यहाँ,
बनके परवाना...
मेरे हुस्न की शमा बुझाने
कोशिश करके देख ले!



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