कलेजवा में आग लगी है
धुआं छन-छन के निकले
तेरी मोहब्बत हो गई ठंडी
दम मेरा रुक-रूक के निकले
काहे तू बलमा बात दिल की ना समझे
कलेजवा में आग लगी है
धुआं छन्न-छन्न के निकले
मेरे दिल मचले सारी रात
तुम मुझसे बच-बच के निकले
पायल मेरी छम छम बाजे
घुंघरू इसके तुझे बुलाए
बेदर्दी हुआ तू बलमा
काहे तू मुझे रूलाए
सोलहवे साल का नशा
चढ़ा प्यार का बुखार
तू मुझसे नजरे चुराए
ना सीने से लगाए
मेरे दिल के अरमा बलमा
रो रो के निकले
कलेजवा में आग लगी है
धुआं छन-छन के निकले
तेरी मोहब्बत हो गई ठंडी
दम मेरा रुक-रूक के निकले
काहे तू आशिकी का दम भरता
करता है प्यार तू मुझ पर है मरता
तेरी बातें बलमा मेरा मन नहीं मानता
तू है हरजाई बलमा वफा नही करता
मेरा बनने की तू चाहे लाख कोशिश कर ले
कलेजवा में आग लगी है
धुआं छन-छन के निकले
तेरी मोहब्बत हो गई ठंडी
दम मेरा रुक-रूक के निकले
काहे तू बलमा बात दिल की ना समझे
मुझको अब बलमा सिंगार नहीं भाए
तेरे दिल को मेरी भोली सूरत ना भाए
लगता है बलमा अब मेरे बुरे दिन आए
मन तेरा जितना चाहे उतना तू सताए
तू तो बालमा मेरी गली में बन ठन के निकले
कलेजवा में आग लगी है
धुआं छन-छन के निकले
तेरी मोहब्बत हो गई ठंडी
दम मेरा रुक-रूक के निकले
करेजवा में आग लगी है
धुआं छन्न-छन्न के निकले
मेरे दिल मचले सारी रात
तुम मुझसे बच-बच के निकले
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