यौवनवा से मेरे रस की धार टपक रही
बलमा देख ले सबकी रार टपक रही
अबकी सावन में बड़ी जोर बरस रहा पानी
छोरों की नजरों से शरारत टपक रही
बरसती बदरिया में आग लगाए
मुझको बलमा तोरी याद दिला
बादलों से सजना अबकी आग बरसती
छा गई मोरे तन मन कैसी देख ये मस्ती
लट बालों की मेरे गालों से लिपट रही
यौवनवा से मेरे रस की धार टपक रही
बलमा देख ले सबकी रार टपक रही
अबकी सावन में बड़ी जोर बरस रहा पानी
छोरों की नजरों से शरारत टपक रही
जला देगी मुझको निगोड़ी जवानी
आजा बलमा डाल दे इस पर पानी
अब के बरस तो मुझे दे दे निशानी
दिल की धड़कन जोर-जोर से धड़क रही
बलमा मेरी आज बाई आंख फड़क रही
यौवनवा से मेरे रस की धार टपक रही
बलमा देख ले सबकी रार टपक रही
अबकी सावन में बड़ी जोर बरस रहा पानी
छोरों की नजरों से शरारत टपक रही
बलमा अब तो आजा काहे मुझको सताए
बैरन बनी राते तेरे बिना कट नहीं पाए
इस पर सैया ये सावन वेरी शोर मचाए
काहे नहीं बालमा तुझको मेरी याद आए
सांसों की सुई तेरे नाम पर अटक रही
यौवनवा से मेरे रस की धार टपक रही
बलमा देख ले सबकी रार टपक रही
अबकी सावन में बड़ी जोर बरस रहा पानी
छोरों की नजरों से शरारत टपक रही
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