Sunday, 21 June 2026

ओ बाबू नखरे हमको ना दिखाना

ओ बाबू नखरे  हमको ना दिखाना 
अपना रास्ता पकड़ ले 
नखरे छोड़ दे शहरी बाबू.... छोड़ दे नखरे
फिर चाहे हाथ पकड़ ले
ओ बाबू नखरे हमको ना दिखाना

समझ के गोरी गांव की मुझको करता है मनमानी 
पूरे गांव में कोई नहीं है 
पूरे गांव में कोई नहीं है
मुझ सी अल्हड़ जवानी 
एक बाबू तू मत कर मनमानी 
वो सामने जा रहा है रास्ता राजधानी 
सीधे अपने शहर में जाना 
मत बन मेरा दीवाना 

ओ बाबू नखरे  हमको ना दिखाना 
अपना रास्ता पकड़ ले 
नखरे छोड़ दे शहरी बाबू.... छोड़ दे नखरे
फिर चाहे हाथ पकड़ ले

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