Tuesday, 23 June 2026

इकरार मोहब्बत का, करने को दिल

इकरार मोहब्बत का, करने को दिल कहता है,पर डर हमको लगता है, इकरार करें क्यों कर कहीं टूट ना जाये दिल,
कब देखी मेरी आंखों ने इतनी हसीन ऐसी भोली सूरत,डर के ही सही फिर भी मोहब्बत को मचलता है दिल

आंखों में बार-बार तेरी, तस्वीर उभरती है 
चाहत तेरी बनके तमन्ना, उम्मीद वफा की करती है 
आखिर क्यों मेरा दिल, तुझ पर मर मिटने की,
आरजू करता है 
तूने कोई वादा नहीं किया
फिर क्यों,
प्यार तुझसे करता है
क्यों तुझ पर मर मिटा है मेरा दिल 

इकरार मोहब्बत का, करने को दिल कहता है,पर डर हमको लगता है, इकरार करें क्यों कर, कहीं टूट ना जाये दिल,


मोहब्बत में जाने कितने दिल टूटे,कितने दीवाने रह गए तन्हा, मिली नहीं चाहत की मंजिल, कहीं पर दिन गुजरा कहीं गुजरी रातें, बहुत सुनी है हमने लोगों से, मोहब्बत प्यार की बातें, इकरार की बातें एतबार की बातें, हुआ  जाने क्यों ऐसा,
किसी दीवाने का टूट गया ये दिल


कब देखी मेरी आंखों ने इतनी हसीन ऐसी भोली सूरत,डर के ही सही फिर भी मोहब्बत को मचलता है दिल

मोहब्बत का मोल लगाते हैं लोग सोने और चांदी से, जाने क्यों दुश्मन हो जाते हैं 
इस मोहब्बत के, मोहब्बत, वो भी करते है, किसी दीवाने को मोहब्बत में, सिर्फ मिला दर्द और तड़प
और मिले आंसुओ में भीगी तकदीर, भीगी मोहब्बत में‌ महबूबा की तस्वीर
क्या यही हसरत करता है तेरा दिल


इकरारमोहब्बत का, करने को दिल कहता है,पर डर हमको लगता है, इकरार करें क्यों कर, कहीं टूट ना जाये दिल,
कब देखी मेरी आंखों ने इतनी हसीन ऐसी भोली सूरत,डर के ही सही फिर भी मोहब्बत को मचलता है दिल

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