जालिम तू जिद्दी बड़ा है
क्यों जिद पर अड़ा है
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़ के खड़ा है
देख मुझे देख रही सारी सखियां
तू मेरा अंगिया खींचे पड़ा है
जालिम तो जिद्दी बड़ा है
क्यों जिद पर अड़ा है
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़े खड़ा है
बच्चों जैसी जिद्द तेरी अच्छी नहीं है
तुझसे लगन मेरी पक्की नहीं है
बाली उमरिया का चढ़ गया पानी
मुझे नहीं बनना है तेरी दीवानी
छोड़ दे रास्ता मेरा काहे घेरे खड़ा है
जालिम तू जिद्दी बड़ा है
क्यों जिद पर अड़ा है
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़ के खड़ा है
मुझ जैसी और भी है गांव में छोरी
क्या दुश्मनी है छैला तुझसे मोरी
हाथा पाई करना आदत अच्छी नहीं तोरी
किसी और को पटा ले पटती तुझसे नहीं मोरी
क्यों मेरे ही पीछे पड़ा है
जालिम तू जिद्दी बड़ा है
क्यों जिद पर अड़ा है
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़ के खड़ा है
तेरे बिना तेरी दाल नहीं गलती
रोज-रोज करता है तू एक गलती
करता सीना जोरी मेरी एक नहीं चलती
घर में शिकायत में तेरी नहीं करती
इसी कारन तू मूहंं चढ़ा है
जालिम तू जिद्दी बड़ा है
क्यों जिद पर अड़ा है
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़ के खड़ा है
देख मुझे देख रही सारी सखियां
तू मेरा अंगिया खींचे पड़ा है
जालिम तो जिद्दी बड़ा है
क्यों जिद पर अड़ा है
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़े खड़ा है
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