Wednesday, 17 June 2026

जालिम तू जिद्दी बड़ा है क्यों जिद पर अड़ा है

जालिम तू जिद्दी बड़ा है 
क्यों जिद पर अड़ा है 
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़ के खड़ा है 
देख मुझे देख रही सारी सखियां 
तू मेरा अंगिया खींचे पड़ा है 
जालिम तो जिद्दी बड़ा है 
क्यों जिद पर अड़ा है 
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़े खड़ा है 

बच्चों जैसी जिद्द तेरी अच्छी नहीं है
तुझसे लगन मेरी पक्की नहीं है 
बाली उमरिया का चढ़ गया पानी 
मुझे नहीं बनना है तेरी दीवानी 
छोड़ दे रास्ता मेरा काहे घेरे खड़ा है 

जालिम तू जिद्दी बड़ा है 
क्यों जिद पर अड़ा है 
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़ के खड़ा है 

मुझ जैसी और भी है गांव में छोरी 
क्या दुश्मनी है छैला तुझसे मोरी
हाथा पाई करना आदत अच्छी नहीं तोरी 
किसी और को पटा ले पटती तुझसे नहीं मोरी 
क्यों मेरे ही पीछे पड़ा है 

जालिम तू जिद्दी बड़ा है 
क्यों जिद पर अड़ा है 
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़ के खड़ा है

तेरे बिना तेरी दाल नहीं गलती 
रोज-रोज करता है तू एक गलती 
करता सीना जोरी मेरी एक नहीं चलती 
घर में शिकायत में तेरी नहीं करती 
इसी कारन तू मूहंं चढ़ा है 

जालिम तू जिद्दी बड़ा है 
क्यों जिद पर अड़ा है 
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़ के खड़ा है 
देख मुझे देख रही सारी सखियां 
तू मेरा अंगिया खींचे पड़ा है 
जालिम तो जिद्दी बड़ा है 
क्यों जिद पर अड़ा है 
छोड़ दे मेरी वैइया
क्यों मरोड़े खड़ा है 



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