Friday, 19 June 2026

दिल के मचलते जज्बातों को

दिल के मचलते जज्बातों को
रोक ले इन मुलाकातों को 
मत सुन दिल की बातों को
क्यों जगाता है इन रातों को 
लगता है दीवाने तुझे हमसे इश्क हो गया
इस कातिल जवानी का आशिक हो गया 

पागल है तू दीवाना भी
इश्क से है अंजाना भी
दीवाने इश्क में देते हैं जान
छोड दे जिद्द कहना मेरा मान
नादानी मत कर ओ नादान 
 





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