रोक ले इन मुलाकातों को
मत सुन दिल की बातों को
क्यों जगाता है इन रातों को
लगता है दीवाने तुझे हमसे इश्क हो गया
इस कातिल जवानी का आशिक हो गया
पागल है तू दीवाना भी
इश्क से है अंजाना भी
दीवाने इश्क में देते हैं जान
छोड दे जिद्द कहना मेरा मान
नादानी मत कर ओ नादान
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