Sunday, 8 March 2026

ऐ इश्क़ बता ये मोहब्बत होती क्यों है?"

हुस्न जब इश्क़ से पूछता है, ऐ इश्क़ बता ये मोहब्बत होती क्यों है?

इश्क कहता है दो घडी पहलू में रह ले 

तू जान जाएगा‌ सनम मोहब्बत होती है क्यू


आसमान में जब इतने सितारे हैं तो 
ये पर्दे में रहने वाला चांद रहता है क्यू
इश्क ने हुस्न पूछा जब ये सवाल 
सुनके आ गया हुस्न के दिल में
जज्बातों का इक उबाल 
हूस्न शर्माते हूंए कहता है आफताव तो नहीं 
वहां चांद है चांदनी है हसीन नजारे हैं
दीदार तू भी कर ले दिल मसलता है क्यू
इश्क ने कहा देख कर ही तो होती है मोहब्बत 
ऐसा होता है तब होती है हुस्न की सोहबत 
हुस्न ने शरमाते हुए पूछा इश्क से बता दे हमसफर 
कहां पर खत्म होता है मोहब्बत का सफर 
इश्क ने हुस्न से कहा यह हकीकत बयां नहीं होती 
वो नही समझते हैं जिन्हें मोहब्बत नहीं होती 
अगर तुझे भी दिल से मोहब्बत हो जाएगी 
देखना ये मोहब्बत तेरी सांसों तक पहुंच जाएगी 
मायने मोहब्बत का समझ में
 हुसैन के आ गया हैं सनम
 हुस्न ने इश्क कहा ये वादा है
अब साथ-साथ रहेंगे हम 
इश्क ने कह
 एक दूसरे के बिना कोई रह नहीं सकता
रुखसत इस जहां से साथ-साथ होंगे हम
 इश्क मुस्कुराते हुए जब हुस्न से नजरें  मिलाई
हुस्न ने शर्माते कहा‌ इश्क से और ऩजरे उठाई
मिल गई है मेरी सांसे  तेरी सांसो के साथ  खत्म होती है ये मोहब्ब्त सांसो के साथ
















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