कहीं ना कहीं कोई दिलरुबा
मेरा इंतजार करती तो होगी
मेरे लिए कोई एक हसीना बेकरार होगी
अपने खयालों में करती मुझे प्यार होगी
अपनीआखों मैं तस्वीर मेरी बनाकर
मुझको अपने दिल में सजा कर
दिल में अपने ख्वाब सजा कर
बेकरार होकर मेरा इंतजार करती होगी
कहीं ना कहीं कोई दिलरुबा
कोई अफसाना उसके होठों पर आता होगा
जिसमें उसे आरजू बस मेरी होगी
मेरे ख्वाबों की दुनिया मे
मेरे साथ में होगी
चलती हवा का झोंका
जब उसे टकराता होगा
वह सोचती होगी
मैंने छेड़ा है उसे
जब कलियां फूल बनकर
खिलती होगी
उसका भी दिल मचलता होगा
वह भी मुझे अपने को मचलती होगी
कहीं ना कहीं कोई दिलरुबा
मेरा इंतजार करती तो होगी
मेरे लिए कोई एक हसीना बेकरार होगी
अपने खयालों में करती मुझे प्यार होगी
उसके सपनों में वो मेरी बाहों में होती होगी
बेकरार होकर करवट भी बदलता होगी
नींद उसकी आंखों से कहीं दूर सोती होगी
टूटा सपना होगा तो वो भी रोती होगी
फिर जब ख्याल मेरा उसको आता होगा
दिल एक बार फिर से मुस्कुराता होगा
उसके चेहरे की रंगत बदलती होगी
कहीं ना कहीं कोई दिलरुबा
मेरा इंतजार करती तो होगी
मेरे लिए कोई एक हसीना बेकरार होगी
अपने खयालों में करती मुझे प्यार होगी
मुझे कोई नाम उसने दिया होगा
कोई पैगाम उसने मुझे दिया होगा
बेख्याली में ही वह नाम उसके लबों पर आया होगा
प्यार का दिल पर उसके नशा छाया होगा
वह सोचती होगी मेरे बारे में गुमसुम होकर
दिन कट जाता होगा रात कटती हो कि रोकर
मन में पछताती तो होगी वो मेरी होकर
आंखों में प्यार उसकी भी नजर आता होगा
खुद को आईने में देख कर शर्माती होगी
कहीं ना कहीं कोई दिलरुबा
मेरा इंतजार करती तो होगी
मेरे लिए कोई एक हसीना बेकरार होगी
अपने खयालों में करती मुझे प्यार होगी
No comments:
Post a Comment