[Intro - Slow Sarangi and Soft Guitar]
[Chorus]
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
[Verse 1]
सोच समझ के करना मोहब्बत
की है मोहब्बत तो डरना मत
धोखा ना देना अपनी मोहब्बत को
वरना मोहब्बत करना मत
मोहब्बत में दिखती है जन्नत भी
होती है सच्चे मोहब्बत वालों की मन्नत भी
मोहब्बत का एतराम खुदा को भी होता है होता है...
[Chorus]
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
[Verse 2 - With a satirical tone]
आशिक सपनों में रंगीन रातें सजाते हैं
प्यार में बड़ी बड़ी कसमें हर दिन खाते हैं
एक मिली दूसरी छोड़ी पहले वाली रोती है रोती है
ये हसीनाऐ भी कुछ कम नहीं, जलवा अपना दिखाती हैं
एक साथ खाई आइसक्रीम, दूसरे के साथ पाव भाजी खाती है
सामने जब पहला वाला आशिक आया
पूछो उसकी हालत कैसी होती है होती है
वह बेचारा जाके कहीं तन्हाइयों में रोता है रोता है
[Bridge - Emotional intensity increases]
खेल मोहब्बत को दुनिया ने आज बना दिया
एक नया इल्जाम मोहब्बत के सर पर लगा दिया
आशिक होते थे आशिकी भी होती थी
वो जमाना और था जब लैला प्यार में रोती थी रोती थी
लैला के प्यार में मजनू सब लैला देखता था
मजनू कोड़े खाता है, जख्म लैला को होता है होता है
[Verse 3]
ऐसी पाक मोहब्बत अब नहीं मिलती
झूठे मक्कार मिलेंगे सच्ची मोहब्बत नहीं मिलती
खुशनसीब है वह जिसको प्यार मिला
अब तो हमने देखा यही प्यार में धोखा मिला प्यार में धोखा मिला
मोहब्बत के झोंको की कहानी से
रोज अखबार भरा होता है होता है
[Outro - Fading out with a deep sigh]
ऐसे ही हसीनों की मोहब्बत
रात दिन दिन रात रोती है रोती है
आज मजनू भी रोता है रोता है
आज लैला भी रोती है रोती है...
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
आशिक सपनों में रंगीन रातें सजाते हैं
प्यार में बड़ी बड़ी कसमें हर दिन खाते हैं
एक मिली दूसरी छोड़ी पहले वाली रोती है रोती है
ये हसीनाऐ भी कुछ कम नहीं
जलवा अपना दिखाती हैं
एक साथ खाई आइसक्रीम
दूसरे के साथ पाव भाजी खाती है
सामने जब पहला वाला आशिक आया
पूछो उसकी हालत कैसी होती है होती है
वह बेचारा जाके कहीं तन्हाइयों में रोता है रोता है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
खेल मोहब्बत को दुनिया ने आज बना दिया
एक नया इल्जाम मोहब्बत के सर पर लगा दिया
आशिक होते थे आशिकी भी होती थी
वो जमाना और था जब लैला प्यार में रोती थी रोती थी
लैला के प्यार में मजनू सब लैला देखता था
मजनू कोड़े आता है जख्म लैला को होता है होता है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
ऐसी पाक मोहब्बत अब नहीं मिलती
झूठे मक्कार मिलेंगे सच्ची मोहब्बत नहीं मिलती
खुशनसीब है वह जिसको प्यार मिला
अब तो हमने देखा यही प्यार में धोखा मिला प्यार में धोखा मिला
मोहब्बत के झोंको की कहानी से
रोज अखबार भरा होता है होता है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
ऐसे ही हसीनों की मोहब्बत
रात दिन दिन रात रोती है रोती है
आज मजनू भी रोता है रोता है
आज लैला भी रोती है रोती है
सोच समझ के करना मोहब्बत
की है मोहब्बत तो डरना मत
धोखा ना देना अपनी मोहब्बत को
वरना मोहब्बत करना मत
मोहब्बत में दिखती है जन्नत भी
होती है सच्चे मोहब्बत वालों की मन्नत भी
मोहब्बत का एतराम खुदा को भी होता है होता है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
आशिक सपनों में रंगीन रातें सजाते हैं
प्यार में बड़ी बड़ी कसमें हर दिन खाते हैं
एक मिली दूसरी छोड़ी पहले वाली रोती है रोती है
ये हसीनाऐ भी कुछ कम नहीं
जलवा अपना दिखाती हैं
एक साथ खाई आइसक्रीम
दूसरे के साथ पाव भाजी खाती है
सामने जब पहला वाला आशिक आया
पूछो उसकी हालत कैसी होती है होती है
वह बेचारा जाके कहीं तन्हाइयों में रोता है रोता है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
खेल मोहब्बत को दुनिया ने आज बना दिया
एक नया इल्जाम मोहब्बत के सर पर लगा दिया
आशिक होते थे आशिकी भी होती थी
वो जमाना और था जब लैला प्यार में रोती थी रोती थी
लैला के प्यार में मजनू सब लैला देखता था
मजनू कोड़े आता है जख्म लैला को होता है होता है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
ऐसी पाक मोहब्बत अब नहीं मिलती
झूठे मक्कार मिलेंगे सच्ची मोहब्बत नहीं मिलती
खुशनसीब है वह जिसको प्यार मिला
अब तो हमने देखा यही प्यार में धोखा मिला प्यार में धोखा मिला
मोहब्बत के झोंको की कहानी से
रोज अखबार भरा होता है होता है
दिन के बाद भी दिन होता है होता है
रात के बाद भी रात होती है होती है
ऐसे ही आशिकों की मोहब्बत
रात दिन रात दिन रोती है रोती है
ऐसे ही हसीनों की मोहब्बत
रात दिन दिन रात रोती है रोती है
आज मजनू भी रोता है रोता है
आज लैला भी रोती है रोती है
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