Monday, 2 March 2026

​उनकी ख़्वाहिश कि उनको कोई सजदा करे,

वह समझते हैं वो इश्क़ के ख़ुदा हो गए,

हम समझते हैं वो हमसे जुदा हो गए।

​उनको पाने की चाहत इस दिल में थी,

लगता है वो इस दिल की दहशत हो गए।

​उनकी ख़्वाहिश कि उनको कोई सजदा करे,

लग रहा है जैसे जहां के शहंशाह हो गए।

वह समझते हैं वो इश्क़ के ख़ुदा हो गए,

हम समझते हैं वो हमसे जुदा हो गए।

​अपने दिल में दफन कर दी हमने सभी आरज़ू,

हम इन ख़्वाहिशों से भी अब तन्हा हो गए।

​फ़र्क है वक़्त का  बेवजह वह सब नहीं 

वक़्त हमारा बदला तो वो बेवफ़ा हो गए।

वह समझते हैं वो इश्क़ के ख़ुदा हो गए,

हम समझते हैं वह हमसे जुदा हो गए।

​अब कोई नया इस दिल को सहारा नहीं चाहिए,

हम पहले भी तन्हा थे फिर तन्हा हो गए।

​वो ज़माना भी अच्छा गुज़रा था कभी,

19 चाहतों की फिर से  तलबगार हो गए

वो समझते हैं वो इश्क़ के ख़ुदा हो गए,

हम समझते हैं वो हमसे जुदा हो गए।

उनको खोकर तो हमें यह जहां मिल गया

हम ज़माने की नज़र में "प्रभात" शहंशाह हो गए।

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