Friday, 27 March 2026

ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का

ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का
​ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का,
दिल कहता है मुझे अपनी मोहब्बत दे दे,
अब मर्जी तेरी, तू माने या ना माने,
दीवाना हुआ दिल, तू जाने या ना जाने।
​ओ हमदर्द, मान भी ले कहना मेरे दिल का,

इस दिल में है प्यार की चाहत,
दिल ने बता दी अपनी चाहत,
कह दो तुमको जो कहना है,
ज़िंदगी के सफर में मेरा दिल कहता है,
मुझे साथ में रहना है,
इस दिल की वफ़ा को तुम ठुकराना ना।
ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का
​ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का

​अगर यह दिल चाहता है तुमको,
तुम ही कहो क्या खतावार है ये दिल
मासूम बड़े हो तुम, मासूम बड़ा है यह दिल,हमें तो प्यार हो गया
इस दिल में तो बस प्यार ही प्यार है,
इसे बस तुम्हारे इकरार का इंतज़ार है,
देखो तोड़ ना देना दिल करके कोई बहाना।
ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का
​ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का

दिल कहता है मुझे अपनी मोहब्बत दे दे,
अब मर्जी तेरी है।
इस दिल ने पुकारा तुमको दे दो सहारा 
सच कहता हूं मैं ये है बड़ा प्यारा 
आज से पहले इसने कोई चाहत ना की थी 
देखा जब तुमको ये हो गया तुम्हारा 
मोहब्बत भरा एक अरमान है इस दिल का 

ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का
​ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का

सितम करने हो तुम को तो तुम कर लेना
की जो खता इसने इसको सजा भी दे  देना 
इसको हंस के हंसी तुमसे ना आता है 
इसको लगता है जैसे तुमसे  पिछला कोई नाता है
बस क्यों इसने चाहा इतना इसे बता ना

ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का
​ओ हमदम, मान ले कहना मेरे दिल का

 मेरे दिल ने तेरे दिल से जो कहा 
वो हमने सुन लिया 
हमने तुमको अपने मन का मीत चुन लिया 

अब हमें अपने दिल को क्या समझाना
ओ हमदर्द मान लिया हमने अपने दिल का कहना
अब हमें और तुम्हें प्यार के सफर में संग संग है रहना मान लिया कहना अपने दिल का मान लिया कहना




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