Saturday, 7 March 2026

सनम तेरी यादें मेरे दिल की हलचल बढ़ाती है

 ऐ सनम तेरी यादें  मेरे दिल की 
हलचल बढ़ाती है
एक तूफान अपने साथ लेकर हर दिन 
 वो आती है 
लोग कहते है दीवाना मुझको 
मुझको इतना सताते हैं 
जब भी तेरी गलियों में आता हूं
तेरा आशिक बताते है
तेरी हर सहेली तुझको मेरी लैला बताती है 
 ए सनम तेरी यादें  मेरे दिल की 
हलचल बढ़ाती है.....
मैं कहना तो चाहता हूं पर कहने से डरता हूं 
ओ सनम तेरी मासूम सूरत पे मैं दिल से मरता हूं 
कैसे आंखें बचाऊ कैसे हजारों अफसाने बन गए हैं 
मैं तेरा हीरो हूं प्यार तुझे दिल से मैं करता हूं
 ए सनम तेरी यादें  मेरे दिल की 
हलचल बढ़ाती है...
मेरी यादों पर पहरा है ओ सनम तेरे वादों का 
लोगों को यकीन हो गया है अब मेरे इरादों का 
उनकी नजरों में मैं दूल्हा हूं वह सब मेरे बाराती है 
 ए सनम तेरी यादें  मेरे दिल की 
हलचल बढ़ाती है...
दोस्ती हो गई है मेरी सनम तेरी गलियों से 
तेरे चमन के फूलों से तेरे चमन की कलियों से
क्यों पर्दे में रहती है क्यो मुझसे नज़रे चुराती है
 ए सनम तेरी यादें  मेरे दिल की 
हलचल बढ़ाती है...
 

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