Sunday, 1 March 2026

घुंघरू बाजे छन छन छन

घुंघरू बाजे छन छन छन 
गाये राग कोई पवन 
महके सावन महका उपवन 
अग्न लगी मेरे तन मन में 
जाने कब  आएगा आएगा मोरा पिया 
घुंघरू बाजे छन छन छन 
गाये राग कोई पवन 
महक सावन महका उपवन 
अग्न लगी मेरे तन मन में 
जाने कब  आएगा आएगा मोरा पिया 
क्षण क्षण चंचल प्रीत ढूंढे मीत
गाये साजन के विरह के गीत 
डोल डोल के थक गया तन
जाने कब आएगा मेरा प्रीतम 
पायल मचाए शोर .......
जाने  कब आएगा मोरा पिया 
मुझे कोई सिंगार ना भाऐ
मन मोर बस पिया पुकारे 
निहार रही मैं बाट पिया की 
अब तो साजन मेरे आ रे
जाने  कब आएगा मोरा पिया 
थक गए नैना  बीते रैना
जाने कब आएगा मोरा पिया
कंगना मोरा बज रहो सजना 
तेरे लिए था सजना सवरना 
याद तुझे ना आए मेरी
जाने कहां तू चला गया सजना 
मैं बैठी यहां अकेली रंगोली सजाये
 कैसे बताऊं ये पहर साजन
चांद चकोरी रट पिया की लगाऐ
घुंघरू बाजे छन छन छन 
गाये राग कोई पवन 
महके सावन महका उपवन 
अग्न लगी मेरे तन मन में 
जाने कब  आएगा आएगा मो




 

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