Monday, 16 March 2026

तन मन में आग लगी सजना अबतो आजा

तन मन में आग लगी सजना अबतो आजा 
सजन मेरा प्यार पुकारे जियू मैं किसके सहारे 
मेरे प्यार के दुश्मन हो गए यह मौसम सारे 
साजन मेरा प्यार पुकारे 
तन मन में आग लगी है साजनअब तो आजा 
इंतजार ये इतना हद से ज्यादा तेरा है 
मेरे दिल में बस  प्यार का  बसेरा है 
जब से गया सनम तू लौट कर ना आया 
तेरी यादों ने मुझे हर पल मुझे सताया 
इन सावन के महीनों में अगर तू ना आएगा
ये बाहरे रुख जाएंगी ये सावन भी रूठ जाएगा 
 रुखी इन बहारों को संग मेरे मना जा
आग लगी है तन मन में 
ओ मेरे साजन आजा 
मेरे दिल के राजा अब तो आजा

मेरा पहला प्यार सनम तुझे याद करता है 
तन्हाई में  ये दिल ठंडी आहे भरता  है 
बेचैन दिन मेरा मुझको रात में जगाता है 
जालिम बन बैठा है मुझे यह रोज सताता है 
मेरा दिल सनम तेरा बैरी बन बैठा है 
कब तक मैं इंतजार करु सनम अब तो आजा 
आग लगी है तन मन में  
ओ मेरे साजन आजा 
 ओ मेरे बालम आजा 
सनम मेरा प्यार पुकारे जीयू में किसके सहारे 
आजा आजा दिल पुकारे अब तो आजा 

तेरी याद में मेरी सांसे रूक सी जाती हैं 
इंतजार में तेरे फिर भी चलती जाती है 
तेरा आना क्या तब होगा जब मैं मर जाऊंगी 
देख बता देती हूं मैं अब कुछ ना खाऊंगी 
जितना मुझे सताना है जितना मुझे रुलाना है 
यहां आके सता ले मन भर के रुला जा
सनम मेरा प्यार पुकारे जीयू में किसके सारे 
  आग लगी है तन मन में अब तो आजा 

दिन भर तेरे सपनों में ही रहती हूं रात भर साजन रोती हूं
पूरी पूरी रात बलम अब मैं ना सोती हूं 
अपने हाथों से आकर पहुंच गए मेरे आंसू
साजन मेरा प्यार पुकारे जीयू मैं किसके सहारे 
आग लगी है तन मन में ओ मेरे साजन आजा 
आजा आ  साजन आजा रे ......



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