तन मन में आग लगी सजना अबतो आजा
सजन मेरा प्यार पुकारे जियू मैं किसके सहारे
मेरे प्यार के दुश्मन हो गए यह मौसम सारे
साजन मेरा प्यार पुकारे
तन मन में आग लगी है साजनअब तो आजा
इंतजार ये इतना हद से ज्यादा तेरा है
मेरे दिल में बस प्यार का बसेरा है
जब से गया सनम तू लौट कर ना आया
तेरी यादों ने मुझे हर पल मुझे सताया
इन सावन के महीनों में अगर तू ना आएगा
ये बाहरे रुख जाएंगी ये सावन भी रूठ जाएगा
रुखी इन बहारों को संग मेरे मना जा
आग लगी है तन मन में
ओ मेरे साजन आजा
मेरे दिल के राजा अब तो आजा
मेरा पहला प्यार सनम तुझे याद करता है
तन्हाई में ये दिल ठंडी आहे भरता है
बेचैन दिन मेरा मुझको रात में जगाता है
जालिम बन बैठा है मुझे यह रोज सताता है
मेरा दिल सनम तेरा बैरी बन बैठा है
कब तक मैं इंतजार करु सनम अब तो आजा
आग लगी है तन मन में
ओ मेरे साजन आजा
ओ मेरे बालम आजा
सनम मेरा प्यार पुकारे जीयू में किसके सहारे
आजा आजा दिल पुकारे अब तो आजा
तेरी याद में मेरी सांसे रूक सी जाती हैं
इंतजार में तेरे फिर भी चलती जाती है
तेरा आना क्या तब होगा जब मैं मर जाऊंगी
देख बता देती हूं मैं अब कुछ ना खाऊंगी
जितना मुझे सताना है जितना मुझे रुलाना है
यहां आके सता ले मन भर के रुला जा
सनम मेरा प्यार पुकारे जीयू में किसके सारे
आग लगी है तन मन में अब तो आजा
दिन भर तेरे सपनों में ही रहती हूं रात भर साजन रोती हूं
पूरी पूरी रात बलम अब मैं ना सोती हूं
अपने हाथों से आकर पहुंच गए मेरे आंसू
साजन मेरा प्यार पुकारे जीयू मैं किसके सहारे
आग लगी है तन मन में ओ मेरे साजन आजा
आजा आ साजन आजा रे ......
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