Sunday, 15 March 2026

इश्क की बात हुई तन्हा एक रात हुई


इश्क की बात हुई तन्हा एक रात हुई 
सनम साथ था प्यार कीबात हुई 
जब से मुलाकात हुई चैन मेरा खो गया 
प्यार में उसके मैं दीवाना हो गया 

बहुत तेज बरसात थी वह मेरे साथ थे  जंगल की रात थी एक झोपड़ी पास थी 
उसमें हम आ गए पहली मुलाकात थी 
जो ना होना था वह भी हो गया 
तेजहवा चली फुस सारा उड़ गया

 
तन  बरसात में पूरी तरह भीग गया 
प्यार में उसके मैं दीवाना हो गया
इश्क की बात हुई तन्हा एक रात हुई 
सनम साथ था प्यार कीबात हुई 

बिजली की  चमक ने धड़कन को बढ़ा दिया 
उस एक पल ने सदियों का साथ बना दिया
न छत रही सर पर, 
न दीवारों का पहरा था
वो इश्क का रंग ही था, 
बारिश का पानी तो बे रंग था

न थमी वो बारिश, न रुकी वो गुफ्तगू,

हर बूँद में घुली थी बस तेरी ही जुस्तजू।

दुनिया से कट के हम एक दूजे में खो गए,

उस भीगी रात में हम मुकम्मल हो गए।"


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