दिल तुम्हारा मुझको चाहने लगा है
कुछ कहने से पहले, इतना तुम कह देना,
कि दिल तुम्हारा मुझको चाहने लगा है।
दिल तुम्हारा मुझको चाहने लगा है,
रात-रात भर मुझको जगाने लगा है।
प्यार तो मैंने भी तुझसे यार किया है,
तेरे लिए अपना दिल बेकरार किया है।
तू चाहता है तेरी जोगन बन दर-दर फिरु
आशिक पर
अभी तो तुझको मेरे साथ जीना है...
मेरा दिल भी तुमको चाहने लगा है...
यार परवाह नहीं, मैं डरता नहीं,
डरता जो मैं, तो प्यार-प्यार करता नहीं।
भोले मेरे साजन, तू आशिक बनने लगा है,
दिल ही दिल में मुझ पर तू मरने लगा है।
मेरी अदाओं का जादू तुझ पर चढ़ने लगा है,
दिल ही दिल में तू सनम, मुझ पे मरने लगा है।
अंतरा
आशिक तो बस इश्क में जान देते हैं,
जब किसी को एक बार अपना मान लेते हैं।
मरते-मरते अंत तक बस सनम का नाम लेते हैं,
आशिक तो बस इश्क में जान देते हैं।
ओ सनम, तू ऐसी... ओ सनम, तू ऐसी बातें ना कर,
तेरी बाते सुनकर लगता है मुझको अब डर।
ओ सनम, तू अब ऐसी बातें ना कर,
तेरी बातों से लगता है मुझको अब डर।
प्यार तो मैंने भी तुझसे सनम किया है,
मैं तुझको अपनी बाहों का हार तुझको पहनूंगी
तू डोली लेके आजा मैं तेरे साथ आऊंगी
तेरे लिए अपना दिल बेकरार किया है।
अभी तो तुझको मेरे साथ जीना है...
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