यह शैतान शोर करने से नहीं भागते हैं
जानवर है जंगलों के इंसानियत को कहां जानते हैं
खुदा को भुला दिया है ये कहां किसी खुदा को मानते हैं
एक बार फिर ये खूनी पंजा लेकर आए हैं
इनके पंजों से खून इंसानों का फिर से वहना है
तोड़ दो इनको जहरीले नाखूनों को
अगर तुमको अब दुनिया में जिंदा रहना है
मिटा दो दहशत और बादशाहत इनकी
बेगुनाहों के खून का हिसाब इन्हे देना है
उनको यह दुनिया उनकी गुलाम लगती है
हमेको भी गुलामो की दुनिया में नहीं रहना है
यही हौसला चाहिए यही वक्त का तकादा है
इंसान को इंसान की फितरत में ही जिंदा रहना है
इंसानियत का दामन तार तार करने वालों
अनमोल होती है इंसानियत यही हमें कहना है
जख्म दुनिया को तुमने बहुत दिए हैं अब तक
वक्त आया है अपना हिसाब तुमको भी देना है
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