Friday, 13 March 2026

इन्हें जालना ही आता है

शोर मचाने से क्या होगा यह डरते नहीं
यह शैतान शोर करने से नहीं भागते हैं
जानवर है जंगलों के इंसानियत को कहां जानते हैं 
खुदा को भुला दिया है ये कहां किसी खुदा को मानते हैं
एक बार फिर ये खूनी पंजा लेकर आए हैं
इनके पंजों से खून इंसानों का फिर से वहना है 
तोड़ दो इनको जहरीले नाखूनों को 
अगर तुमको अब दुनिया में जिंदा रहना है
मिटा दो दहशत और बादशाहत इनकी 
बेगुनाहों के खून का हिसाब इन्हे देना है
उनको यह दुनिया उनकी गुलाम लगती है 
हमेको भी गुलामो की दुनिया में नहीं रहना है 
यही हौसला चाहिए यही वक्त का तकादा है
इंसान को इंसान की फितरत में ही जिंदा रहना है 
इंसानियत का दामन तार तार करने वालों 
अनमोल होती है इंसानियत यही हमें कहना है 
जख्म दुनिया को तुमने बहुत  दिए हैं अब तक 
वक्त आया है अपना हिसाब तुमको भी देना है




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