Intro - Slow Flute and Sarangi]
[Chorus / मुखड़ा]
यह चाहत कभी कम नहीं होती
इश्क कभी सिसकता नहीं है
दीवानगी सुना रही है ये तराना
मोहब्बत कभी किसी के सामने झुकती नहीं है
[Verse 1 / अंतरा]
मोहब्बत एक आग है, अश्को से भरी दास्तान है
सिमट जाती है सांसों पर, आशिकी की पहचान है
यह दास्तान कभी खत्म नहीं होती...
यह चाहत कभी कम नहीं होती...
[Verse 2 / अंतरा]
किस्मत में लिखा कोई फरमान है
कि ना कोई ज़मीन ना कोई आसमान है
यह पागल दिलों में बसा हुआ, चाहत भरा एक अरमान है
इसकी यह चाहत भी पूरी नहीं होती...
[Verse 3 / अंतरा]
रोक ले इसकी राहों को, दरिया-ए-आग में हिम्मत कहाँ?
मिटा दे दिलों से मोहब्बत, किसी हुकूमत की इतनी कुब्बत कहाँ?
जिगर जिसमें हो, गुज़र जाता है इस राह से
रास्ता इसका आसान नहीं होता...
[Outro / अंत]
मोहब्बत कभी किसी के सामने झुकती नहीं है...
झुकती नहीं है... झुकती नहीं है...
मोहब्बत की शान क्या है दीवाने जानते हैं
देखते इसमें खुदा को है सब मानते हैं
कोड मजनू को लगते थे
जख्म लैला को आते थे
मोहब्बत पाक है कितनी यह सब मानते हैं
इश्क वालों की कोई हस्ती नहीं होती
यह चाहत कभी कम नहीं होती
इश्क कभी सिसकता नहीं है
दीवानगी सुना रही है ये तराना
मोहब्बत कभी किसी के सामने झुकती नहीं है
(Fade out with light Tabla and Sitar)
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