Saturday, 23 May 2026

सितारों आज महफ़िल को तुम कुछ ऐसे सजा देना,


सितारों आज महफ़िल को तुम कुछ ऐसे सजा देना,

वह आएँ गर तो अपनी रोशनी से जगमगा देना।


खुदाया! लौट कर वापस न जाए आज मेरा सनम,

मेरे पहलू में वह बैठे, तो बस मेरा ही होकर रह जाए।

​बहारों! तुम भी उनके कदमों में अब महकने लगना,

हवाओ! तुम मोहब्बत का सुहाना तराना सुनाने लगना।

मेरे दिल का जो दर्द है, वो मेरे सनम को बता देना,

मेरी इस मोहब्बत को, उनके दिल में बसा देना।

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