कैसे मोहब्बत करूँ, किससे मोहब्बत करूँ,
क्यों मैं मोहब्बत करूँ,
मुझसे मोहब्बत किसे है?
आईना झूठ बोलता है, मैं मोहब्बत के काबिल कहाँ,
मोहब्बत एक नशा है, मैं नशा क्यों करूँ?
जिसने भी मोहब्बत की है
पूछो उसे क्या मिला है
शिकवा जमाने से किया नहीं
खाने को सिर्फ पत्थर मिला है
आशिकों के लिए
छोड़ दी है मोहब्बत
मैं आशिकी क्यों करूं
आईना झूठ बोलता है, मैं मोहब्बत के काबिल कहाँ,
मोहब्बत एक नशा है, मैं नशा क्यों करूँ?
आशिक झूठा गरूर करते है
जाने क्यों इश्क में मरते हैं
इश्क परिंदे भी करते है
वो कब किस से डरते हैं
जमाने को आंखें दिखा सके
मोहब्बत में वो दम कहां
खेल है एक मोहब्बत
टके टके बिकती यहां
मैं क्यों किसी से सौदा करु
आईना झूठ बोलता है, मैं मोहब्बत के काबिल कहाँ,
मोहब्बत एक नशा है, मैं नशा क्यों करूँ?
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