Tuesday, 26 May 2026

एक बार मिले जब से तुमसे,दिल खोया-खोया रहता है।

एक बार मिले जब से तुमसे,
दिल खोया-खोया रहता है।
हम दीवाने हो गए,
तू अपना सा हो गया।

​यह कैसे कब क्यों हो गया,
हमको यह क्या हो गया
तू ही बता दे,
तू अपना कब बनाएगा
यह सावन फिर नहीं आएगा

​तेरे बिना,मैं जाऊँ कहाँ,
तू अपना सा हो गया
ये जग अपना हो गया।
​हम दीवाने हो गए,
तू अब सपना सा हो गया।

मैं ढूंढू तुझको और कहां 
तू रहता है मेरे दिल में 
लगता नहीं है अब मन 
मेरा गैरों की महफिल में 
तेरी यादों में बीती रात 
तेरी याद में सवेरा हो गया 

एक बार मिले जब से तुमसे,
दिल खोया-खोया रहता है।
हम दीवाने हो गए,
तू अपना सा हो गया।

अपने कल को हम भूल गए 
कब तुझसे हम दूर गए 
रोज सपनों में तुझसे मिलते हैं 
हम तुझसे शिकवा करते हैं 
बस यही पूछा करते हैं 
कब तू अब आएगा 
मेरा सुख चैन खो गया 

एक बार मिले जब से तुमसे,
दिल खोया-खोया रहता है।
हम दीवाने हो गए,
तू अपना सा हो गया।





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