खोई है किस्मत
रोई है आंखें
ऐसी भी सजा किस बात की
बहके जज्बात
सिया रातों में
ऐसी ही है मर्जी आप की
दिल से दिल की मुलाकात
होने ना दे वरना मुश्किल बड़ी हो जायेगी
हम जो रुके तेरे पहलू में
सांसे हमारी रूक जायेगी
मुश्किल बड़ी हो जायेगी
खोई है किस्मत
रोई है आंखें
ऐसी भी सजा किस बात की
बहके जज्बात
सिया रातों में
ऐसी ही है मर्जी आप की
इतनी लम्बी दे दी जुदाई
लगती है अच्छी सिर्फ तन्हाई
महफिलों का शोर हमको देता है दर्द
इक कोने में सिमटे बैठे रहे इतना है मौसम सर्द
अपना सकून खोया है हमने
हंसी होंठों की हमने है खोई
खोई है किस्मत
रोई है आंखें
ऐसी भी सजा किस बात की
बहके जज्बात
सिया रातों में
ऐसी ही है मर्जी आप की
किसी के दिल का हंसना और रोना
आपके लिए था एक खेल सलौना
आपने खेला मस्ती में अपनी जिन्दगी बन गयी खेल खिलोना
जिस प्यार को तरसे है हम
उसकी नहीं अब तस्वीर को
खोई है किस्मत
रोई है आंखें
ऐसी भी सजा किस बात की
बहके जज्बात
सिया रातों में
ऐसी ही है मर्जी आप की
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