Wednesday, 27 May 2026

सांसे हमारी रूक जायेगी मुश्किल बड़ी हो जायेगी

खोई है किस्मत 
रोई है आंखें 
ऐसी भी सजा किस बात की 
बहके जज्बात
सिया रातों में
ऐसी‌ ही है मर्जी आप की

दिल से दिल की मुलाकात
होने ना दे वरना मुश्किल बड़ी हो जायेगी
हम जो रुके तेरे पहलू में
सांसे हमारी रूक जायेगी
मुश्किल बड़ी हो जायेगी

खोई है किस्मत 
रोई है आंखें 
ऐसी भी सजा किस बात की 
बहके जज्बात
सिया रातों में
ऐसी‌ ही है मर्जी आप की


इतनी लम्बी दे दी जुदाई 
लगती है अच्छी सिर्फ तन्हाई 
महफिलों का शोर हमको देता है दर्द
इक कोने में सिमटे बैठे रहे इतना  है मौसम सर्द
अपना सकून खोया है हमने
हंसी होंठों की हमने है खोई 

खोई है किस्मत 
रोई है आंखें 
ऐसी भी सजा किस बात की 
बहके जज्बात
सिया रातों में
ऐसी‌ ही है मर्जी आप की

किसी के दिल का हंसना और रोना
आपके लिए था एक खेल सलौना
आपने खेला मस्ती में अपनी जिन्दगी बन गयी खेल खिलोना
जिस प्यार को तरसे है हम 
उसकी नहीं अब तस्वीर को

खोई है किस्मत 
रोई है आंखें 
ऐसी भी सजा किस बात की 
बहके जज्बात
सिया रातों में
ऐसी‌ ही है मर्जी आप की

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